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Lumba Rakhi for Bhabhi: लुंबा राखी क्या है और इसे भाभी को क्यों बांधा जाता है, जानें इस खूबसूरत परंपरा का अर्थ

Lumba Rakhi for Bhabhi: लुंबा राखी क्या होती है और इसे भाभी की चूड़ी में क्यों बांधा जाता है। जानें लुंबा राखी की परंपरा, इसका महत्व और भाभी राखी से जुड़ी मान्यता।

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लुंबा राखी क्या होती है, कहां से आई भाभी की कलाई पर इसे बांधने की परंपरा

Lumba Rakhi for Bhabhi: रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर सजी राखी सबका ध्यान खींचती है। लेकिन कई परिवारों में बहन अपने भाई के साथ भाभी के लिए भी एक खास राखी लेकर आती है। यह सामान्य राखी से थोड़ी लंबी और अधिक सजावटी होती है। इसे लुंबा राखी, भाभी राखी या चूड़ा राखी कहा जाता है।

लुंबा राखी सिर्फ एक खूबसूरत गहने जैसी राखी नहीं है। इसके पीछे रिश्तों को जोड़ने वाला प्यारा भाव छिपा है। बहन जब इसे भाभी की चूड़ी में बांधती है तो वह एक तरह से अपने भाई के जीवन में भाभी की अहमियत को स्वीकार करती है। साथ ही उनके साथ अपने नए रिश्ते को भी प्रेम और सम्मान से मजबूत बनाती है।

लुंबा राखी क्या होती है

लुंबा राखी भाभी के लिए तैयार की जाने वाली विशेष राखी है। आम राखी जहां धागे की मदद से कलाई पर बांधी जाती है, वहीं पारंपरिक लुंबा राखी को भाभी की चूड़ी या कंगन में लगाया जाता है। इसका सजावटी हिस्सा चूड़ी से नीचे की ओर लटकता रहता है। इसी लटकते हुए डिजाइन के कारण इसे लुंबा या लटकन राखी भी कहा जाता है।

इस राखी में अक्सर मोती, जरी, घुंघरू, छोटे फूल, स्टोन, गोटा-पट्टी, मीनाकारी या रंग-बिरंगी लटकन लगाई जाती है। हालांकि अब बाजार में ब्रेसलेट के रूप में पहनी जाने वाली भाभी राखी भी मिलने लगी है।

सामान्य राखीलुंबा राखी
भाई की कलाई पर बांधी जाती हैभाभी की चूड़ी, कंगन या कलाई पर सजाई जाती है
आमतौर पर धागे वाला डिजाइन होता हैलटकन और गहने जैसा डिजाइन होता है
इसका मुख्य हिस्सा कलाई के ऊपर रहता हैसजावटी हिस्सा चूड़ी से नीचे लटकता है
भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक हैननद-भाभी के स्नेह और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक है

भाभी को लुंबा राखी क्यों बांधी जाती है

इस परंपरा के पीछे सबसे सरल भावना यह है कि विवाह के बाद भाई का जीवन उसकी पत्नी के साथ जुड़ जाता है। परिवार के सुख-दुख, जिम्मेदारियों और रिश्तों को निभाने में भाभी भी भाई की सहभागी होती हैं। इसलिए बहन अपने भाई को राखी बांधने के साथ भाभी को भी शुभकामनाएं और रक्षा का सूत्र देती है।

धार्मिक मान्यताओं में पत्नी को पति की अर्धांगिनी कहा गया है। पूजा, संस्कार और पारिवारिक संकल्पों में दोनों की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी भाव के आधार पर कहा जाता है कि भाई के साथ उसकी जीवनसंगिनी को शामिल करने पर रक्षाबंधन की खुशी और आशीर्वाद पूरे परिवार तक पहुंचते हैं।

भाभी को भी रक्षा सूत्र में लेती है लुंबा की खूबसूरत परंपरा

भाभी को भी रक्षा सूत्र में लेती है लुंबा की खूबसूरत परंपरा

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यहां रक्षा का अर्थ केवल किसी संकट से बचाना नहीं है। इसमें एक-दूसरे का सम्मान करने, जरूरत के समय साथ खड़े रहने और रिश्ते को प्रेम से संभालने का वचन भी शामिल है।

कहां से शुरू हुई लुंबा राखी की परंपरा

लुंबा राखी की परंपरा का ऐसे कोई उल्लेख नहीं मिलता है। लेकिन यह मुख्य रूप से राजस्थान के मारवाड़ी और राजस्थानी परिवारों से जुड़ी मानी जाती है। इन परिवारों में बहन भाई के साथ भाभी के लिए भी राखी लेकर आती थी। भाभी की चूड़ी में बांधी जाने वाली यह लटकन धीरे-धीरे भैया-भाभी राखी सेट का हिस्सा बन गई। अब यह परंपरा देश के अलग-अलग हिस्सों में लोकप्रिय हो चुकी है।

आज लुंबा राखी केवल रीति निभाने का माध्यम नहीं रही। इसे ननद की ओर से भाभी को अपनापन देने वाला छोटा-सा उपहार भी माना जाता है।

क्या हर भाभी को लुंबा राखी बांधना जरूरी है

लुंबा राखी बांधना कोई अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं है। यह परिवार और क्षेत्र के अनुसार निभाई जाने वाली परंपरा है। अगर आपके घर में यह रिवाज नहीं है, तब भी आप प्रेम से भाभी को राखी बांध सकती हैं। राखी को चूड़ी में लगाने के बजाय उनकी कलाई पर भी बांधा जा सकता है।

यहां यह याद रखना जरूरी है कि रिश्ते में अपनापन होना सबसे महत्वपूर्ण है। केवल रीति पूरी करने के दबाव में लुंबा बांधना जरूरी नहीं। यदि भाभी चूड़ियां नहीं पहनतीं तो उनके लिए हल्की ब्रेसलेट राखी, चेन राखी या दोबारा इस्तेमाल होने वाला चार्म चुना जा सकता है।

भाभी के लिए कैसी लुंबा राखी चुनें

भाभी की पसंद और पहनावे को ध्यान में रखकर डिजाइन चुनना ज्यादा अच्छा रहेगा।

  • साड़ी और पारंपरिक कपड़े पसंद करने वाली भाभी के लिए गोटा-पट्टी या कुंदन लुंबा।
  • हल्के डिजाइन पसंद हों तो मोती या छोटे फूल वाली राखी।
  • आधुनिक लुक के लिए ब्रेसलेट या चेन स्टाइल लुंबा।
  • नई दुल्हन के लिए लाल, गुलाबी, सुनहरे या हरे रंग की चूड़ा राखी।
  • पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के लिए कपड़े, लकड़ी या बीज से बनी राखी।
  • यादगार उपहार के लिए नाम, फोटो या अक्षर वाली पर्सनलाइज्ड राखी।

पहले भाई को राखी बांधें या भाभी को

आमतौर पर पहले भाई का तिलक करके उसकी कलाई पर राखी बांधी जाती है। इसके बाद भाभी का तिलक कर उनकी चूड़ी या कंगन में लुंबा सजाया जाता है। मिठाई खिलाकर दोनों के सुखी जीवन और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है।

हालांकि इसकी विधि अलग-अलग परिवारों में अलग हो सकती है। अपने घर की परंपरा के अनुसार क्रम रखा जा सकता है। बस इसका असल भाव भाई और भाभी दोनों को प्रेम तथा शुभकामनाओं में शामिल करना है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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