अध्यात्म

5 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए नवरात्रि के तीसरे दिन की पूजा का शुभ मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा अभिजीत मुहूर्त

5 October 2024 Panchang (5 अक्तूबर 2024 पंचांग): शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन होगी मां चंद्रघंटा की पूजा। आज के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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5 October 2024 Panchang

5 October 2024 Panchang (5 अक्तूबर 2024 पंचांग): आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन नवरात्रि का तीसरा दिन होगा। आज के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। आज के दिन रात में 09:35 तक स्वाती नक्षत्र रहेगा। उसके बाद विशाखा नक्षत्र हो जाएगा। आज के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त 11:53 से 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में आप पूजा कर सकते हैं। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

5 October 2024 Panchang (5 अक्तूबर 2024 पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-आश्विन शुक्ल पक्ष

तिथि- तृतीया व्रत- नवरात्र तृतीया दिवस,माता चंद्रघंटा जी की पूजा

दिवस-शनिवार

सूर्योदय-06:17am

सूर्यास्त-06:01pm

नक्षत्र-स्वाती 09:35pm तक तत्पश्चात विशाखा

चन्द्र राशि - तुला राशि,स्वामी ग्रह-शुक्र

सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध

करण= तैतिल 06:43 pm तक फिर गरज

योग: -विष्कुंभ

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:53 am से 12:34 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:20pm से 07:25 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:05m से 05:05am तक

5अमृत काल-06:08am से 07;40am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:40से 12:20तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:07pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा ।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:,30 बजे तक

क्या करें-09 दिवसीय शक्ति पूजा पर्व नवरात्रि आरम्भ है। आज तृतीय दिवस है। आज माता चंद्रघंटा के रूप में माता दुर्गा की उपासना की जाती है। माता चंद्रघंटा जी की उपासना करें।दुर्गासप्तशती का पाठ करें।माता के 32 व 108 नाम का जप करें। सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का पाठ पुण्यदायी है। नवरात्र व्रत का पुण्य अखण्ड है,इस व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके दुर्गासप्तशती का पाठ करें या कराएं। बेहतर है कि माता दुर्गा की भक्ति मांगे।यह स्थायी है। भक्ति जन्म जन्मांतर काम आती है। जो लोग आज व्रत हैं वह पूर्ण ब्रम्हचर्य का पालन करेंगे। शिव उपासना अवश्य करें।

क्या न करें-निंदा करने से पुण्य का ह्रास होता है। पर निंदा से बचें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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