अध्यात्म

13 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए पापांकुशा एकादशी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल

13 October 2024 Panchang: आज के दिन सुबह 9 बजकर 8 मिनट के बाद एकादशी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज पापंकुशा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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13 October 2024 Panchang

13 October 2024 Panchang (13 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग): पापंकुशा एकादशी के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 17 मिनट पर होगा। आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। आज अभिजीत मुहूर्त 11:52 से 12:34 तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ रहेगा। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। रविवार के दिन राहुकाल सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक रहेगा। इस समय में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। अब आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

13 October 2024 Panchang (13 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-आश्विन शुक्ल पक्ष

तिथि-दशमी 09;08 am तक फिर एकादशी

दिवस-रविवार,व्रत-दशमी 09:08 am तक फिर एकादशी

सूर्योदय-06:17am

सूर्यास्त-06:01pm

नक्षत्र-धनिष्ठा

चन्द्र राशि -मकर,स्वामी-शनि,03:45 pm तक फिर कुम्भ,स्वामी ग्रह-शनि

सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध

करण= गरज 09:09 am तक फिर वणिज

योग:-शूल09:25 pm तक फिर गण्ड

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:52 am से 12:34 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:20pm से 07:23 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:05am तक

5अमृत काल-06:08am से 07;41am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:40से 12:20तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:07pm तक

दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक

क्या करें-आज दशमी है। 09:08 am के बाद एकादशी लग जाएगी के लिए व्रत रहेंगे। आज भास्कर भगवान की उपासना की जाती है। पिता का सम्मान करें। रविवार व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके गायत्री मंत्र का जप करें। भक्ति जन्म जन्मांतर काम आती है। शिव उपासना अवश्य करें। सप्तश्लोकी दुर्गा का भी पाठ करें। श्री आदित्यह्र्दयस्तोत्र का 0 पाठ करें।

क्या न करें-जो व्यक्ति पिता का सम्मान नहीं करता उसका जीवन सफल नहीं हो सकता।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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