Career Tips: समुद्र की लहरों पर बनाना चाहते हैं करियर, तो पहले जान लें इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी में अंतर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 2, 2022, 09:14 PM IST

Career Tips: इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी के बीच काफी अंतर होता है। एक नेवी जहां देश की सुरक्षा करती है, वहीं दूसरी नेवी अन्‍य देशों के साथ व्‍यापार करती है। ये दोनों ही अगल-अलग क्षेत्र में कार्य कर देश की सेवा करती हैं...

Career Tips: समुद्र की लहरों पर बनाना चाहते हैं करियर, तो पहले जान लें इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी में अंतर
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career in indian navy: समुद्र की लहरों को पसंद करने वाले युवा नेवी में अपना करियर बनाना चाहते हैं। इसके लिए वे इंडियन नेवी या मर्चेंट नेवी में से किसी एक को चुनते हैं। हालांकि कई बार दोनों नामों में काफी हद तक समानता होने के कारण छात्र इन्‍हें एक समान समझ लेते हैं। हालांकि दोनों के बीच काफी अंतर है। भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी)  जहां देश की सुरक्षा के लिए कार्य करती है। वही व्यापारिक नौसेना (मर्चेंट नेवी) समुद्र के रास्ते एक देश से दूसरे देश के बीच व्‍यापर और यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करती है। इस आर्टिकल के माध्‍यम से हम आपको इन दोनों के बीच अंतर की पूरी जानकारी देंगे।

भारतीय नौसेना

भारतीय नौसेना का काम समुद्र के रास्‍ते होने वाले हमलों से देश को सुरक्षा प्रदान करना है। नौसेना समुद्र की सीमाओं पर दुश्मनों और बाहरी लोगों की निगरानी करती है और किसी भी हमले का जवाब देती है। भारतीय नौसेना को विश्व की चौथी सबसे मजबूत नौसेना मानी जाती है। नौसेना की स्थापना 1612 में हुई और आजादी के बाद साल 1950 में इसका पुनर्गठन किया गया। भारतीय नौसेना के पास अभी 290 से अधिक जहाज हैं।

इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी में अंतर

- इंडियन नेवी में कार्य करने वाले लोगों को सैलरी के अलावा कई तरह के भत्‍ते, पेंशन, रहने की व्यवस्था व स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं। वहीं मर्चेंट नेवी में सैलरी के अलावा किसी तरह की सुविधाएं नहीं मिलती।

- इंडियन नेवी जहां देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। वहीं मर्चेंट नेवी व्यापार जगत में महत्वपूर्ण है। दोनों समुद्र में रहकर अलग-अलग तरह से देश की सेवा करती हैं।

- इंडियन नेवी जहां एक परमानेंट नौकरी होती है। वही मर्चेंट नेवी कॉन्ट्रैक्ट के तहत की जाती है। इसमें कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट महीनों से लेकर सालों तक हो सकते हैं। जिसके बाद वे दूसरी कंपनी में भी जा सकते हैं।

- अच्‍छी सैलरी के मामले में इंडियन नेवी से मर्चेंट नेवी आगे है। इंडियन नेवी में सैलरी जहां सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार मिलती है, वहीं मर्चेंट नेवी में कोई भी कर्मचारी अपनी स्किल की मदद से लाखों रुपये सलरी ले सकता है।

- इंडियन नेवी एक गवर्नमेंट जॉब है, इसमें जॉब सिक्‍योरिटी होती है, वहीं मर्चेंट नेवी में अधिकतर प्राइवेट कंपनियों द्वारा ही जॉब दी जाती है। यहां पर कभी भी जॉब जा सकती है।

- मर्चेंट नेवी और इंडियन नेवी में कार्य करने वालों के अलग-अलग रैंक होते है। मर्चेंट नेवी में रैंक विशेषज्ञता के आधार पर दिया जाता है। वही इंडियन नेवी में रैंक सूचीबद्ध कर्मियों और अधिकारियों में वर्गीकृत किया जाता है।

- इंडियन नेवी हर समय देश की रक्षा करती है। वही मर्चेंट नेवी युद्ध के समय इंडियन नेवी के साथ मिलकर कार्य करती है। यह सामानों और लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में मदद करती है।

- इंडियन नेवी में भर्ती होने के लिए एसएसआर, एए, सीडीएस और एमआर जैसी परीक्षाएं देनी पड़ती हैं और उसके बाद शारीरिक और मानसिक परीक्षा पास करना पड़ता है। वही मर्चेंट नेवी में भर्ती के लिए किसी भी अच्छे विश्वविद्यालय से मरीन इंजीनियरिंग या संबंधित डिग्री हासिल करना ही काफी होता है। इसके लिए किसी तरह की शारीरिक व मानसिक परीक्षा नहीं होती।

व्यापारिक नौसेना

व्यापारिक नौसेना या मर्चेंट नेवी एक कमर्शियल फील्ड है। यहां पर जहाजों के जरिए एक देश दूसरे देश के बीच व्‍यापारिक सामान पहुंचाया जाता है। इस काम में सरकारी और प्राइवेट दोनों ही तरह की कंपनियां कार्यरत होती हैं। इस काम को करने के लिए कंपनियों लोगों को प्रशिक्षित कर जॉब पर रखती है। मर्चेंट नेवी में भारी-भरकम सैलरी पैकेज दिया जाता है। भारतीय नौसेना की तरह व्यापारिक नौसेना में मिलने वाली वर्दी में काफी समानता है।

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