Top Management Courses: मैनेजमेंट सेक्‍टर में बनाना चाहते हैं करियर तो 12वीं के बाद करें ये टॉप मैनेजमेंट कोर्स

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 30, 2022, 04:17 PM IST

Top Management Courses: मैनेजमेंट में जाने की इच्‍छा रखने वाले छात्रों के पास 12वीं के बाद कई कोर्स करने के विकल्‍प मौजूद हैं। जिन्‍हें पूरा कर छात्र इस फील्‍ड में अपना शानदार करियर बना सकते हैं। यहां हम छात्रों के लिए कुछ ऐसे ही डिग्री और डिप्‍लोमा कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्‍हें सभी स्‍ट्रीम के छात्र 12वीं के बाद कर सकते हैं।

Top Management Courses: मैनेजमेंट सेक्‍टर में बनाना चाहते हैं करियर तो 12वीं के बाद करें ये टॉप मैनेजमेंट कोर्स
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Top Management Courses: मैनेजमेंट में जाने की सोच रहे छात्रों को 12वीं के बाद इससे संबंधित कोर्स करना पड़ता है। छात्रों के लिए मैनेजमेंट से जुड़े आज कई अच्छे कोर्स उपलब्‍ध है। इन्‍हें किसी भी स्ट्रीम का छात्र 12वीं के बाद कर सकता है। इस फील्‍ड में कई डिग्री और डिप्‍लोमा कोर्स कराए जाते हैं। यहां हम ऐसे ही कुछ प्रमुख मैनेजमेंट कोर्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें 12 वीं विज्ञान / वाणिज्य / कला स्ट्रीम से स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले छात्र आसानी से कर सकते हैं। इन कोर्स को करने के बाद छात्र किसी भी कंपनी में आसानी से अच्‍छी जॉब हासिल कर सकते हैं।

बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन

बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन को बीबीए भी कहते है। इस कोर्स की अवधि 3 साल है। इस अंडरग्रेजुएट कोर्स को 12वीं साइंस/कॉमर्स/आर्ट्स तीनों स्ट्रीम के छात्र कर सकते हैं। इसमें छात्र स्‍पेशल फील्‍ड में बीबीए कर सकते हैं। जैसे एयरपोर्ट मैनेजमेंट, इवेंट मैनेजमेंट, बैंकिंग और बीमा, इंटरनेशनल बिजनेस, हेल्थ केयर मैनेजमेंट, इवेंट मैनेजमेंट, एविएशन मैनेजमेंट और टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट।

बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज

बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमसी) कोर्स की अवधि 3 साल है। बीबीए और बीएमएस दोनों एक ही पाठ्यक्रम की तरह लगते हैं लेकिन इनमें कुछ समानताओं के साथ कुछ अंतर भी है। बीएमएस पारंपरिक प्रबंधन अध्ययनों जैसे एनालिटिक्स पर अधिक केंद्रित है। बीएमएस पूरा करने के बाद छात्र एमबीए कर सकते हैं।

बीबीए+एमबीए इंटीग्रेटेड कोर्स

ज्‍यादातर छात्र बीबीएक के साथ एमबीए करना पसंद करते हैं। इसमें बीबीए के साथ एमबीए डिग्री का मिश्रण है। इस पाठ्यक्रम की अवधि 5 वर्ष है। इस कोर्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्रों को बीबीए के बाद पीजी कोर्स अलग से नहीं करना होगा। बीबीए+एमबीए इंटीग्रेटेड कोर्स छात्रों के लिए इसलिए भी फायदेमंद है, इन्हें एमबीए प्रवेश के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ती है।

होटल एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट

होटल एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट का उद्देश्य छात्रों को टूरिज्‍म के साथ होटल उद्योग में विभिन्न भूमिकाएं निभाने के लिए तैयार करना है। यह डिग्री कोर्स 4 साल का होता है। ग्रेजुएशन के बाद पर्यटन क्षेत्र में अच्छी नौकरी मिल सकती है। भारत में इस समय पर्यटन क्षेत्र काफी फल-फूल रहा है। जिससे कोर्स के बाद सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में अच्छी नौकरी ढूंढना मुश्किल काम नहीं होगा।

बैचलर ऑफ बिजनेस स्टडीज

बीबीएस एक 3 साल लंबा अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है। इस कोर्स को अंग्रेजी विषय के साथ किसी भी स्ट्रीम के छात्र कर सकते हैं। यह बीबीए और बीएमएस जैसे कोर्स का एक अच्छा विकल्प है। यह कोर्स एचआर, मार्केटिंग और फाइनांस जैसे ट्रेडिशनल मैनेजमेंट सब्जेक्ट्स पर केंद्रित है।

बीआईबीएफ

यह एक 3 साल लंबा अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है। बीआईबीएफ कोर्स अंग्रेजी विषय के साथ किसी भी स्ट्रीम से उत्तीर्ण छात्र कर सकते हैं। कोर्स इंटरनेशनल बिजनेस, लेटेस्ट ट्रेंड और इंटरनेशनल बिजनेस और फाइनांस मैनेजमेंट में अपनाये जाने वाले नियमों पर फोकस है।

डिप्लोमा मैनेजमेंट कोर्स

आज के समय में छात्रों के पास कई जॉब ओरिएंटेड डिप्लोमा मैनेजमेंट कोर्स का ऑप्‍शन भी है, जो छात्र डिग्री कोर्स नहीं करना चाहते वे डिप्लोमा इन रिटेल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन ऑर्गजाइजेशन मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन फैशन मार्केटिंग एंड मर्चेंडाइजिंग, डिप्लोमा इन मार्केटिंग एंड एडवरटाइजिंग, डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट कोर्स कर सकते हैं।

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