जब हम बड़े-बड़े समुद्री जहाज देखते हैं, तो अक्सर यह सवाल आता है। आखिर ये चलते कैसे हैं और इनमें कौन सा तेल डाला जाता है?
जिन पेट्रोल-डीजल से अन्य वाहन चलते हैं, क्या उनसे ही ये पानी वाले जहाज चलते हैं? आइए जानते हैं कि समुद्र में चलने वाले हजारों टन के इन जहाजों में कौन सा तेल भरा जाता है।
सबसे पहले आपको यह बता दें कि समुद्र में चलने वाले जहाज आम गाड़ियों की तरह पेट्रोल या डीजल पर नहीं चलते। इनमें खास तरह का भारी ईंधन इस्तेमाल होता है, जिसे हम बंकर फ्यूल (Bunker Fuel) कहते हैं।
यह तेल बहुत ही ज्यादा गाढ़ा और भारी होता है। आम भाषा में इसे भारी तेल भी कहते हैं। यह वो तेल होता है, जो पेट्रोल और डीजल बनाने के बाद बचता है। ऐसे में यह तेल सस्ता भी पड़ता है और बड़े जहाजों के लिए सही रहता है।
जहाज में बहुत बड़े इंजन होते हैं। ये इंजन इसी भारी तेल से चलते हैं। इससे जहाज के इंजन को लंबी दूरी तक चलने की ताकत मिलती है।
इस बंकर फ्यूल के अलावा भी कई ऐसे तेल होते हैं, जिनका इस्तेमाल पानी के जहाजों को चलाने के लिए किया जाता है। जिसमें मरीन डीजल ऑयल (Marine Diesel Oil) और लिक्विफायड नैचुरल गैस (Liquefied Natural Gas) शामिल हैं। इन तेलों का इस्तेमाल पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किया जाता है।
आज के समय में प्रदूषण को कम करने के लिए जहाजों के ईंधन को लेकर बदलाव हो रहा है। हालांकि बड़े जहाजों में आमतौर पर भारी और सस्ता तेल बंकर फ्यूल ही डाला जाता है, क्योंकि उन्हें बहुत ज्यादा ताकत के साथ लंबी दूरी तय करनी होती है।