दुनिया में आपने तरह-तरह के पक्षी देखे होंगे। कोई अपनी खूबसूरत आवाज के लिए मशहूर है तो कोई अपने रंग-बिरंगे पंखों के लिए लेकिन क्या आपने कभी ऐसे पक्षी के बारे में सुना है, जिसके शरीर से गोबर जैसी तेज बद्बू आती है और यह बद्बू इतनी तेज होती है कि इस पक्षी को दुनिया का सबसे बदबूदार पक्षी माना जाता है। अगर आपने कभी भी इस पक्षी के बारे में नहीं सुना तो चलिए आज हम आपको इस पक्षी के बारे में बता देते हैं।
सुनने में यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन ऐसा एक पक्षी सच में मौजूद है। इसका नाम होत्जिन (Hoatzin) है। इसे कई जगहों पर स्टिंकबर्ड यानी बदबूदार पक्षी भी कहा जाता है।
दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में पाया जाने वाला यह पक्षी दिखने में काफी अलग है। इसके सिर पर पंखों की एक खास कलगी होती है और शरीर पर भूरे, नारंगी और हरे रंग के अलग-अलग शेड दिखाई दे सकते हैं।
देखने में यह पक्षी काफी आकर्षक लग सकता है, लेकिन इसकी असली पहचान इसकी गंध ही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसी पक्षी के शरीर से गोबर जैसी गंध आखिर आती क्यों है?
इसका जवाब छिपा है इसके खाने और पाचन तंत्र में। होत्जिन मुख्य रूप से पेड़ों की पत्तियां खाता है। पत्तियों को पचाना आसान काम नहीं होता। इसके लिए इस पक्षी के पाचन तंत्र में खास तरह का फर्मेंटेशन (fermentation) होता है। यह प्रक्रिया कुछ हद तक गाय जैसे जुगाली करने वाले जानवरों के पाचन से मिलती-जुलती है। इसी वजह से इसके शरीर और आसपास से एक तेज और अजीब गंध महसूस हो सकती है।
होत्जिन की सबसे खास बात सिर्फ इसकी बदबू नहीं है। इसका पाचन तंत्र भी दूसरे पक्षियों से काफी अलग है। यह पक्षी पत्तियों को पचाने के लिए अपने पाचन तंत्र के आगे वाले हिस्से में सूक्ष्मजीवों की मदद लेता है। यही प्रक्रिया पत्तियों को तोड़ने में मदद करती है। इसी वजह से इसे कभी-कभी पक्षियों की दुनिया का ‘जुगाली करने वाला पक्षी’ भी कहा जाता है। हालांकि, यह गाय की तरह जुगाली नहीं करता। इसके शरीर में पत्तियों को पचाने की प्रक्रिया अलग तरीके से होती है।
होत्जिन की इस खासियत ने उसे दूसरे पक्षियों से बिल्कुल अलग बना दिया है। इसकी गंध इतनी खास है कि इसे अंग्रेजी में Stinkbird नाम तक मिल गया लेकिन मजेदार बात यह है कि यह बदबू हमेशा इसके लिए नुकसान वाली ची
होत्जिन के बच्चे भी कम दिलचस्प नहीं होते। इसके चूजों के पंखों पर छोटे-छोटे पंजे जैसे नाखून होते हैं। इनकी मदद से वे पेड़ों की डालियों पर चढ़ने में सहायता लेते हैं। अगर खतरा महसूस हो तो छोटे चूजे घोंसले से नीचे पानी में गिर भी सकते हैं और बाद में अपने पंजों और पंखों की मदद से वापस ऊपर चढ़ने की कोशिश कर सकते हैं। यह क्षमता उन्हें बाकी कई पक्षियों के बच्चों से अलग बनाती है।
इस पक्षी के बारे में एक बात और भी खास है। जो इस पक्षी के महत्व को और भी बढ़ा देता है और वह ये है कि यह पक्षी किसी देश का राष्ट्रीय पक्षी भी है। जिसका नाम गुयाना है। जी हां, गुयाना देश का राष्ट्रीय पक्षी होत्जिन ही है।