आमतौर पर चावल को पकाने से पहले 2 से 3 बार धोना काफी होता है। इससे ज्याद बार धोने की जरूरत नहीं पड़ती। सही तरीके से धोने से चावल साफ भी हो जाता है और पकने के बाद खाने में भी टेस्टी लगता है।
जब आप पहली बार चावल में पानी डालते हैं, तो उसमें जमी धूल, मिट्टी और गंदगी बाहर निकल जाती है। बाजार से लाए गए चावल में थोड़ी-बहुत गंदगी जरूर होती है, जो पहली बार की धुलाई में आसानी से साफ हो जाती है।
दूसरी और तीसरी बार धोने से चावल का एक्स्ट्रा स्टार्च (मांड) निकल जाता है। अगर चावल में स्टार्च ज्यादा रहेगा, तो पकने के बाद चावल आपस में चिपक जाएंगे। 2-3 बार धोने से चावल पकने के बाद चिपचिपे नहीं बनते और खिले-खिले रहते हैं।
कई लोग सोचते हैं कि चावल को तब तक धोना चाहिए जब तक पानी बिल्कुल शीशे की तरह साफ न दिखने लगे। लेकिन ऐसा करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अगर पानी थोड़ा धुंधला या सफेद भी दिख रहा है, तो यह पूरी तरह नॉर्मल है।
अगर आप बासमती चावल बना रहे हैं, तो उसे 2-3 बार धोएं और फिर 15 से 30 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दें। भिगोने से चावल के दाने लंबे बनते हैं, टूटते नहीं हैं और बहुत सॉफ्ट पकते हैं।
वैसे हर डिश के लिए चावल को ज्यादा धोना सही नहीं होता। अगर आप खिचड़ी, खीर या कोई ऐसी चीज बना रहे हैं जहां चावल का थोड़ा चिपचिपा होना जरूरी है, तो चावल को बहुत ज्यादा न धोएं। अधिक धोने से उसका प्राकृतिक गाढ़ापन खत्म हो जाता है।
तो अगली बार जब भी चावल बनाएं, बस 2 से 3 बार धोएं। यह तरीका सबसे आसान और सही है। इससे आपका चावल साफ रहेगा, सही से पकेगा और खाने में भी बढ़िया लगेगा।