कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम ने पहली पारी 9 विकेट के नुकसान पर 503 रन पर घोषित की। भारत को इस विशाल स्कोर तक पहुंचाने में देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरैल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार शतकीय पारी खेली। ध्रुव जुरैल ने अपनी शतकीय पारी के दौरान कई बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम किए।
ध्रुव जुरैल ने बेहद सधी हुई बल्लेबाजी की। एक छोर संभालते हुए ध्रुव जुरैल ने 98 गेंद पर चौका लगाकर अपना तीसरा टेस्ट अर्धशतक पूरा किया। वहीं, जब वह 99 के स्कोर पर पहुंचे तो उन्होंने शतक पूरा करने के लिए 13 गेंद का सामना किया। ध्रुव ने 2007 के बाद टेस्ट शतक पूरा करने के लिए खेल गई सबसे ज्याद गेंद के मामले में सचिन और लक्ष्मण को पीछे छोड़ दिया।
सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण ने साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 99 रन से शतक पूरा करने के लिए 12-12 गेंदें खेली थी। ध्रुव जुरैल इन दोनों महान बल्लेबाजों से आगे निकल गए हैं और तीसरे भारतीय बन गए हैं। इस लिस्ट में रविचंद्र अश्विन पहले स्थान पर हैं। साल 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना शतक पूरा करने के लिए अश्विन ने 99 के स्कोर के बाद 15 गेंदें खेली थी। वहीं, मुरली विजय ने साल 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ 99 के स्कोर से 100 तक पहुंचने के लिए 14 गेंद खेली।
इतना ही नहीं WTC के इतिहास में विदेशी मैदानों पर नंबर-7 या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए जुरैल का नाबाद 115 रन का स्कोर भारत के लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रहा। उन्होंने नितीश कुमार रेड्डी (114 रन vs ऑस्ट्रेलिया, मेलबर्न 2024) और रविंद्र जडेजा (104 रन vs इंग्लैंड, बर्मिंघम 2022) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
कोलंबो में शतक जड़कर जुरैल ने अपना नाम दिग्गजों की लिस्ट में शामिल करा लिया। श्रीलंका में निचले क्रम (नंबर-7 या उससे नीचे) में बल्लेबाजी करते हुए ध्रुव जुरैल की नाबाद 115 रन की पारी किसी भी विदेशी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया चौथा सबसे बड़ा स्कोर है। इस सूची में पहले स्थान पर न्यूजीलैंड के दिग्गज रिचर्ड हैडली (151*) हैं, जिसके बाद डेनियल विटोरी (140) और पाकिस्तान के सलमान आगा (132*) का नाम आता है।
श्रीलंका में नंबर 7 या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट शतक बनाने वाले ध्रुव जुरैल महज दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल हार्दिक पांड्या के नाम दर्ज थी, जिन्होंने 2017 में पल्लेकेले टेस्ट के दौरान 108 रनों की पारी खेली थी। वहीं, विदेशी धरती पर भारत के लिए नंबर-7 पर बल्लेबाजी करते हुए शतक बनाने वाले बल्लेबाजों के क्लब में भी जुरैल शामिल हो गए हैं। वह विदेशी टेस्ट मैचों में नंबर-7 पर शतक लगाने वाले भारत के कुल 9वें बल्लेबाज बन गए हैं। इसके साथ ही, भारत के लिए निचले क्रम में आखिरी टेस्ट शतक दिसंबर 2024 में नितीश कुमार रेड्डी ने लगाया था।
ध्रुव जुरैल ने ऋषभ पंत के साथ मिलकर श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। दोनों के बीच 152 गेंद पर 112 रन की शतकीय साझेदारी हुई। इसमें पंत का योगदान 48 रन का और ध्रुव ने 60 रन बनाए। इस साझेदारी की बदौलत भारत ने 400 का आंकड़ा पार किया।