रणदीप हुड्डा का फिटनेस रूटीन खासतौर पर दो चीजों पर टिका हुआ है। इसमें पहला है पावरलिफ्टिंग यानी भारी वजन उठाना और दूसरा है रोजाना पैदल चलना। यह कॉम्बिनेशन शरीर को मजबूत बनाने के साथ-साथ दिल की सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है।
पावरलिफ्टिंग एक ऐसी एक्सरसाइज है जिसमें स्क्वैट्स, डेडलिफ्ट और बेंच प्रेस जैसे भारी वर्कआउट शामिल होते हैं। इससे शरीर की मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है और हड्डियां भी मजबूत होती हैं। यह वर्कआउट उम्र बढ़ने के साथ शरीर को कमजोर होने से रोकता है।
दूसरी तरफ रोजाना पैदल चलना यानी वॉकिंग एक बहुत ही आसान और असरदार कार्डियो एक्सरसाइज है। जब आप पावरलिफ्टिंग के साथ वॉकिंग को जोड़ते हैं तो इससे शरीर पर ज्यादा दबाव भी नहीं पड़ता और कैलोरी भी तेजी से बर्न होती है।
फिटनेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ भारी वजन उठाने से शरीर थक सकता है। लेकिन अगर आप साथ में वॉक करते हैं तो मांसपेशियों की रिकवरी जल्दी होती है। पैदल चलने से शरीर में खून का बहाव बेहतर होता है और थकावट दूर होती है।
यह कॉम्बिनेशन वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में भी मदद करता है। पावरलिफ्टिंग से मांसपेशियां बनती हैं जो आराम करने के दौरान भी कैलोरी बर्न करती हैं। वहीं पैदल चलना शरीर की एक्स्ट्रा चर्बी को कम करने में मदद करता है।
इसके अलावा यह वर्कआउट रूटीन मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा है। भारी वजन उठाने से आत्मविश्वास बढ़ता है और तनाव कम होता है। वहीं खुली हवा में टहलने से दिमाग शांत और फ्रेश रहता है।
अगर आप भी इस रूटीन को अपनाना चाहते हैं तो शुरुआत में हल्के वजन से शुरुआत करें। सही फॉर्म और गाइडेंस के साथ पावरलिफ्टिंग करें और रोजाना 30 से 40 मिनट पैदल चलने की आदत डालें। यह तरीका हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।