14 तरह के होते हैं रेलवे स्टेशन, तीन से ज्यादा तो आप भी नहीं जानते होंगे

Types Of Railway Station In India: भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक माना जाता है। रोजाना करोड़ों यात्री ट्रेन से सफर करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि रेलवे स्टेशन भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं। हर स्टेशन की अपनी विशेष भूमिका और संचालन प्रणाली होती है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated May 12 2026, 13:34 IST
कुछ स्टेशन यात्रियों के लिए बनाए जाते हैं, तो कुछ केवल ट्रेन संचालन, माल ढुलाई या तकनीकी कार्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि रेलवे में कुल 14 तरह के स्टेशन होते हैं, लेकिन हम सिर्फ स्टेशन, जंक्शन, हॉल्ट और टर्मिनल के बारे में ही जानते हैं।Image Credit : Canva01 / 09

कुछ स्टेशन यात्रियों के लिए बनाए जाते हैं, तो कुछ केवल ट्रेन संचालन, माल ढुलाई या तकनीकी कार्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि रेलवे में कुल 14 तरह के स्टेशन होते हैं, लेकिन हम सिर्फ स्टेशन, जंक्शन, हॉल्ट और टर्मिनल के बारे में ही जानते हैं।

टर्मिनल और सेंट्रल स्टेशन की अलग पहचानImage Credit : Canva02 / 09

टर्मिनल और सेंट्रल स्टेशन की अलग पहचान

रेलवे नेटवर्क में Terminal या Terminus Station वह स्टेशन होता है जहां रेल लाइन समाप्त होती है और ट्रेन वापस लौटती है। मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) इसका प्रमुख उदाहरण है। वहीं Central Station किसी शहर का सबसे बड़ा और मुख्य रेलवे स्टेशन माना जाता है। जैसे कानपुर सेंट्रल, जहां से बड़ी संख्या में ट्रेनें संचालित होती हैं।

जंक्शन स्टेशन का नेटवर्क में अहम रोलImage Credit : Canva03 / 09

जंक्शन स्टेशन का नेटवर्क में अहम रोल

जंक्शन स्टेशन (Junction Station) ऐसे स्टेशन होते हैं जहां तीन या उससे अधिक रेल मार्ग आपस में मिलते हैं। यहां से ट्रेनें अलग-अलग दिशाओं में जा सकती हैं। प्रयागराज जंक्शन इसका प्रमुख उदाहरण है। ऐसे स्टेशन रेलवे संचालन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि यहां ट्रेनों का आवागमन काफी अधिक होता है।

छोटे स्टेशनों की भी होती है बड़ी भूमिकाImage Credit : Canva04 / 09

छोटे स्टेशनों की भी होती है बड़ी भूमिका

Wayside Station दो बड़े स्टेशनों के बीच स्थित छोटे स्टेशन होते हैं, जिनका उपयोग ट्रेनों की क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग के लिए किया जाता है। वहीं Halt Station छोटे स्टॉप की तरह काम करते हैं, जहां सीमित सुविधाएं होती हैं और कई जगह स्थायी स्टाफ भी मौजूद नहीं रहता। इसके अलावा Flag Station पुराने समय में झंडे के संकेतों से नियंत्रित किए जाते थे। हालांकि अब आधुनिक सिग्नल सिस्टम के कारण इनका महत्व कम हो गया है।

तकनीकी और संचालन से जुड़े स्टेशनImage Credit : Canva05 / 09

तकनीकी और संचालन से जुड़े स्टेशन

रेलवे में कुछ स्टेशन केवल तकनीकी और संचालन कार्यों के लिए बनाए जाते हैं। Block Station ट्रेनों की मूवमेंट और सिग्नल ऑथराइजेशन को नियंत्रित करता है।

टेक्निकल हाल्टImage Credit : Canva06 / 09

टेक्निकल हाल्ट

Cabin या Signal Station सिग्नल और ट्रैक पॉइंट्स के संचालन के लिए उपयोग होता है। Technical Halt ऐसे स्थान होते हैं जहां ट्रेन रुकती तो है, लेकिन यात्री चढ़ते या उतरते नहीं हैं। यहां आमतौर पर पानी भरने, क्रू बदलने या इंजन जांच जैसे कार्य किए जाते हैं।

मालगाड़ी और लोकल नेटवर्क के लिए अलग स्टेशनImage Credit : Canva07 / 09

मालगाड़ी और लोकल नेटवर्क के लिए अलग स्टेशन

Goods या Freight Station मालगाड़ियों की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए बनाए जाते हैं। वहीं Suburban Station लोकल और EMU नेटवर्क का हिस्सा होते हैं, जैसे मुंबई लोकल नेटवर्क। Satellite Terminal बड़े शहरों के मुख्य स्टेशनों पर भीड़ कम करने के लिए बनाए जाते हैं। आनंद विहार टर्मिनल और बांद्रा टर्मिनस इसके उदाहरण हैं।

रेलवे संचालन में हर स्टेशन की खास भूमिकाImage Credit : Canva08 / 09

रेलवे संचालन में हर स्टेशन की खास भूमिका

भारतीय रेलवे में हर स्टेशन का अपना अलग महत्व और कार्य होता है। कुछ स्टेशन यात्रियों की सुविधा बढ़ाते हैं, तो कुछ पूरे रेल नेटवर्क को सुचारु रूप से चलाने में मदद करते हैं।

यही वजह है कि रेलवे की यह वर्गीकरण प्रणाली देश के विशाल रेल संचालन को व्यवस्थित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।Image Credit : Canva09 / 09

यही वजह है कि रेलवे की यह वर्गीकरण प्रणाली देश के विशाल रेल संचालन को व्यवस्थित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।

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