आमतौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाला इंडक्शन कुकर 1,800 से 2,000 वॉट यानी करीब 2 किलोवॉट क्षमता का होता है। यदि दो लोगों के लिए दाल, चावल और सब्जी जैसा सामान्य भोजन तैयार किया जाए, तो इसमें लगभग 45 से 60 मिनट का समय लगता है।
इस दौरान करीब 1 से 1.2 यूनिट बिजली खर्च होती है। भारत में औसतन 7 से 8 रुपये प्रति यूनिट बिजली दर मानी जाए तो दो लोगों का खाना बनाने में लगभग 7 से 10 रुपये का खर्च आता है।
देश में घरेलू रसोई गैस इंडेन, भारत गैस और एचपी जैसी कंपनियों द्वारा सप्लाई की जाती है। 14.2 किलोग्राम का एक सिलेंडर करीब 900 रुपये का पड़ता है। एक सामान्य परिवार में यह सिलेंडर करीब 25 से 30 दिन तक चलता है। ऐसे में यदि दैनिक खर्च निकाला जाए, तो दो लोगों का खाना बनाने में लगभग 30 से 35 रुपये तक का गैस खर्च हो सकता है।
अगर सीधे तुलना की जाए, तो इंडक्शन पर दो लोगों का खाना बनाने में जहां 7 से 10 रुपये खर्च होते हैं, वहीं गैस पर यही खर्च 30 रुपये या उससे अधिक हो सकता है।
यानी सामान्य परिस्थितियों में इंडक्शन पर खाना बनाना गैस की तुलना में सस्ता साबित हो सकता है। हालांकि यह खर्च बिजली की दर, खाना पकाने के समय और उपकरण की गुणवत्ता के अनुसार बदल सकता है।
इंडक्शन कुकर तेज और ऊर्जा की दृष्टि से अधिक प्रभावी माना जाता है, लेकिन यह हर घर में गैस का पूरी तरह विकल्प नहीं बन सकता।
कई पारंपरिक व्यंजन धीमी आंच पर पकाए जाते हैं, जिन्हें गैस पर बनाना ज्यादा आसान होता है। यही वजह है कि आज भी अधिकतर घरों में गैस और इंडक्शन दोनों का इस्तेमाल साथ-साथ किया जाता है।