LPG Crisis: गोबर गैस के लिए गाय का गोबर ही क्यों माना जाता है बेस्ट, भैंस का क्यों नहीं?

Why Cow Dung Is Best For Gobar Gas Plant: अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच भारत समेत दुनिया के कई देशों में LPG गैस और पेट्रोल की दिक्कत हो गई है। ईरान ने दुनिया के सबसे जरूरी तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है जिससे पूरी दुनिया में एलपीजी की किल्लत हो गई है। भारत में कई होटलों ने अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं। इसके अलावा ठेले खोमचे वालों ने भी दुकानें बंद कर दी है या फिर कीमतें बढ़ा दी है। इसी बीच सबको बायो गैस की याद आई है और अचानक से लोग बायो गैस या गोबर गैस की ओर रुख करने लगे हैं।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Mar 23 2026, 08:54 IST
एलपीजी गैस की किल्लत के बीच गोबर गैस एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आई है। गांवों में खासतौर पर इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन एक सवाल अक्सर उठता है कि गोबर गैस बनाने के लिए गाय का गोबर ही ज्यादा अच्छा क्यों माना जाता है, भैंस का क्यों नहीं?Image Credit : CANVA01 / 07

एलपीजी गैस की किल्लत के बीच गोबर गैस एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आई है। गांवों में खासतौर पर इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन एक सवाल अक्सर उठता है कि गोबर गैस बनाने के लिए गाय का गोबर ही ज्यादा अच्छा क्यों माना जाता है, भैंस का क्यों नहीं?

बैक्टीरिया की मात्रा में होता है फर्कImage Credit : CANVA02 / 07

बैक्टीरिया की मात्रा में होता है फर्क

विशेषज्ञों के अनुसार, गाय के गोबर में ऐसे बैक्टीरिया ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं जो गैस बनाने में मदद करते हैं। ये बैक्टीरिया गोबर को जल्दी सड़ाकर उससे मीथेन गैस निकालते हैं। यही मीथेन गैस गोबर गैस के रूप में इस्तेमाल होती है। वहीं भैंस के गोबर में ये बैक्टीरिया अपेक्षाकृत कम होते हैं, जिससे गैस बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

पानी और फाइबर का संतुलनImage Credit : CANVA03 / 07

पानी और फाइबर का संतुलन

गाय के गोबर में पानी और फाइबर का संतुलन सही होता है, जिससे यह आसानी से घुल जाता है और गैस प्लांट में अच्छे से काम करता है। दूसरी ओर, भैंस का गोबर ज्यादा गाढ़ा और भारी होता है, जिससे उसे प्रोसेस करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है और गैस उत्पादन कम होता है।

गैस उत्पादन की मात्राImage Credit : CANVA04 / 07

गैस उत्पादन की मात्रा

गाय के गोबर से ज्यादा और तेजी से गैस बनती है, जबकि भैंस के गोबर से गैस कम मात्रा में निकलती है। यही कारण है कि किसान और ग्रामीण लोग गाय के गोबर को प्राथमिकता देते हैं।

गैस के साथ खाद भीImage Credit : CANVA05 / 07

गैस के साथ खाद भी

गोबर से बनी गैस न सिर्फ सस्ती होती है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित होती है। इसके बाद बचा हुआ स्लरी (अवशेष) खेतों के लिए बेहतरीन खाद बन जाता है। भैंस के गोबर का भी उपयोग हो सकता है, लेकिन उतना प्रभावी नहीं माना जाता।

कुल मिलाकर, गोबर गैस के लिए गाय का गोबर ज्यादा बेहतर इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें गैस बनाने वाले बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं, यह जल्दी सड़ता है और इससे ज्यादा मात्रा में गैस मिलती है।Image Credit : CANVA06 / 07

कुल मिलाकर, गोबर गैस के लिए गाय का गोबर ज्यादा बेहतर इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें गैस बनाने वाले बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं, यह जल्दी सड़ता है और इससे ज्यादा मात्रा में गैस मिलती है।

 इसलिए अगर आप गोबर गैस प्लांट लगाने की सोच रहे हैं, तो गाय का गोबर इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।Image Credit : CANVA07 / 07

इसलिए अगर आप गोबर गैस प्लांट लगाने की सोच रहे हैं, तो गाय का गोबर इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

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