यह योजना उन घरेलू और छोटे व्यवसायिक उपभोक्ताओं के लिए है, जो समय पर बिल नहीं भर पाए और जिनका बिल अब बड़ा बोझ बन चुका है। यह लाभ 2 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन और 1 किलोवाट तक के दुकानदारों को मिलेगा। खास बात यह है कि जिन लोगों ने 31 मार्च 2025 के बाद से कोई भुगतान नहीं किया है या कभी बिल जमा नहीं किया, वे भी इस योजना में शामिल हो सकते हैं।
यह योजना न केवल उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का दबाव कम करेगी, बल्कि किस्तों में भुगतान की सुविधा भी देगी। इसके साथ ही बिजली चोरी के मामलों में भी राहत दी जाएगी। इसके तहत बिल की मूल राशि पर 25% तक की छूट, ब्याज और सरचार्ज पूरी तरह माफ, आसान मासिक किस्तों में भुगतान, बिजली चोरी के केसों में समझौता और मुकदमे से राहत, पुराने गलत या बढ़े हुए बिल औसत बिजली खपत के आधार पर सुधारने जैसे काम होंगे।
बिजली बिल माफी योजना तीन चरणों में लागू की जा रही है। उपभोक्ता जितनी जल्दी पंजीकरण और भुगतान करेंगे, उन्हें उतना अधिक लाभ मिलेगा। किस्तों में भुगतान करने पर भी लाभ मिलेगा, लेकिन शर्त यह है कि भुगतान समय पर होना चाहिए।
इस योजना में बिजली चोरी के मामलों को भी शामिल किया गया है। इसके लिए पंजीकरण शुल्क 2000 रुपये या राजस्व निर्धारण का 10% जो अधिक हो, वह लागू होगा। तीन चरणों के अनुसार 50%, 55% और 60% शमन शुल्क भरकर मुकदमे और बकाया से छुटकारा पाया जा सकेगा।
इस योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीकरण करना होगा। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट www.uppcl.org पर जाएं और पंजीकरण करें। यहां होमपेज पर योजना से संबंधित विकल्प दिखाई देगा, जिस पर क्लिक करने के बाद उपभोक्ता नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।
पंजीकरण शुल्क ₹2000 जमा करना होगा, जिसे बाद में बिल में एडजस्ट किया जाएगा। यदि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन संभव नहीं है, तो उपभोक्ता बिजली विभाग के ऑफिस, UPPCL ऐप, फिनटेक एजेंटों, मीटर रीडर या जन सेवा केंद्र की मदद ले सकते हैं। (AP Photo/Mark J. Terrill, File)