भारत का सबसे छोटा गांव अरुणाचल प्रदेश में है। जो अपनी अनोखी शांति, प्राकृतिक सुंदरता और बेहद कम आबादी के लिए मशहूर है। यहां कुछ ही परिवार रहते हैं, लेकिन बर्फीले पहाड़, नदी और अनछुआ माहौल इसे किसी छिपे स्वर्ग जैसा बना देते हैं।
अरुणाचल प्रदेश के क्रा दादी जिले में भारत का सबसे छोटा गांव स्थित है। जो एक बेहद छोटा और शांत मगर बेहद खूबसूरत गांव है। यहां बहुत कम परिवार रहते हैं, इसलिए इसे भारत के सबसे छोटे गांवों में गिना जाता है।
ये गांव चारों तरफ से ऊंचे पहाड़ों और हरियाली से घिरा हुआ है। सर्दियों में यहां बर्फबारी भी होती है, जिससे पूरा इलाका किसी पोस्टकार्ड जैसा खूबसूरत दिखने लगता है।
भारत का सबसे छोटा गांव समुद्री तल से करीब 4780 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह एक शांत आदिवासी गांव है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और मेंगा गुफाओं के निकट होने के लिए जाना जाता है।
भारत के सबसे छोेटे गांव का नाम हा गांव है। जो अरुणाचल प्रदेश में स्थित है। रिपोर्ट्स के अनुसार यहां केवल 289 लोग ही रहते हैं।
यह गांव आधुनिक शहरों की भागदौड़ से पूरी तरह दूर है। यहां न ट्रैफिक का शोर है और न ही भीड़भाड़। लोग आज भी पारंपरिक जीवनशैली और स्थानीय संस्कृति को संभालकर रखते हैं।
हा गांव के आसपास कई सुंदर जगहें हैं। पास में बहती नदियां, पहाड़ी रास्ते और तवांग के प्रसिद्ध मठ पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां का सूर्योदय और सूर्यास्त खास तौर पर बेहद मनमोहक माना जाता है।
58 परिवारों वाले अरुणाचल प्रदेश के हा गांव पहुंचने के लिए पहले ईटानगर या नाहरलगुन पहुंचना पड़ता है। वहां से पालिन होते हुए सड़क मार्ग द्वारा बस या टाटा सूमो मिलती है। नजदीकी एयरपोर्ट लीलाबाड़ी और रेलवे स्टेशन नाहरलगुन है।