देश के सभी इंटरनेट यूजर्स के लिए सरकार की बड़ी चेतावनी, कहा- तुरंत करें यह काम

CERT-In Warnings For All Internet Users: यदि आपके पास भी कंप्यूटर या लैपटॉप है तो आपको बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि भारत सरकार की ओर से देश के सभी इंटरनेट यूजर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी हुई है। भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) ने macOS और Google Chrome इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए अहम सुरक्षा चेतावनी जारी की है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Feb 1 2026, 15:24 IST
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CERT-In की चेतावनी

एजेंसी के मुताबिक, अगर इन सॉफ्टवेयर में मौजूद खामियों को समय रहते ठीक नहीं किया गया तो सिस्टम हैक होने, संवेदनशील डेटा चोरी होने या पूरे सिस्टम पर अनधिकृत कब्जे का खतरा बढ़ सकता है।

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लेटेस्ट अपडेट

​CERT-In ने व्यक्तिगत यूजर्स के साथ-साथ संगठनों से भी तुरंत लेटेस्ट अपडेट इंस्टॉल करने की अपील की है।

Apple के Pages और Keynote ऐप्स में मिली खामियांImage Credit : TimesNowHindi03 / 07

Apple के Pages और Keynote ऐप्स में मिली खामियां

29 जनवरी को जारी एडवाइजरी में CERT-In ने बताया कि Apple के Pages और Keynote ऐप्स के पुराने वर्जन में कई सुरक्षा कमजोरियां पाई गई हैं। ये खामियां Pages और Keynote के 15.1 से पहले के वर्जन को प्रभावित करती हैं। जांच में सामने आया कि Pages में ‘आउट-ऑफ-बाउंड्स रीड’ की समस्या है, जबकि Keynote में QuickLook कंपोनेंट से जुड़ी एक तकनीकी गड़बड़ी मौजूद है।

खतरनाक फाइल खोलने से हो सकता है नुकसानImage Credit : TimesNowHindi04 / 07

खतरनाक फाइल खोलने से हो सकता है नुकसान

CERT-In के अनुसार, साइबर हमलावर इन खामियों का फायदा उठाकर यूज़र्स को खास तरह से तैयार की गई फाइलें खोलने के लिए बहका सकते हैं। ऐसा करने पर निजी और संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत पहुंच संभव हो सकती है। Apple ने इन समस्याओं को Pages 15.1 और Keynote 15.1 अपडेट के जरिए ठीक कर दिया है, जो macOS Sequoia 15.6 और उससे नए वर्जन के लिए जारी किया गया है। इन खामियों को CVE-2025-46316 और CVE-2025-46306 के तहत ट्रैक किया जा रहा है।

Google Chrome में हाई-रिस्क सिक्योरिटी बगImage Credit : TimesNowHindi05 / 07

Google Chrome में हाई-रिस्क सिक्योरिटी बग

Apple ऐप्स के अलावा CERT-In ने Google Chrome डेस्कटॉप ब्राउजर में भी एक गंभीर सुरक्षा खामी की पहचान की है। 28 जनवरी को जारी एडवाइजरी के मुताबिक, यह समस्या Chrome के पुराने वर्जन में मौजूद है। Windows और macOS पर 144.0.7559.109 या 144.0.7559.110 से पहले के वर्जन, जबकि Linux पर 144.0.7559.109 से पुराने वर्जन इससे प्रभावित हैं।

रिमोट कोड एक्जीक्यूशन का खतराImage Credit : TimesNowHindi06 / 07

रिमोट कोड एक्जीक्यूशन का खतरा

CERT-In ने बताया कि Chrome की Background Fetch API में गलत इम्प्लीमेंटेशन के कारण यह खामी पैदा हुई है। साइबर अपराधी किसी खास तरह की रिक्वेस्ट के जरिए इस कमजोरी का फायदा उठाकर टारगेट सिस्टम पर मनचाहा कोड चला सकते हैं। इसे हाई-सीवेरिटी रिस्क माना गया है, क्योंकि इससे सिस्टम पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है या सेवाएं बाधित हो सकती हैं। Google ने 27 जनवरी को जारी Stable Channel अपडेट में इस खामी को ठीक कर दिया है। इसे CVE-2026-1504 के रूप में दर्ज किया गया है।

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यूजर्स को क्या करना चाहिए

CERT-In ने सलाह दी है कि macOS और Google Chrome यूजर्स बिना देरी किए अपने डिवाइस को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करें। साथ ही, आधिकारिक सिक्योरिटी रिलीज नोट्स को ध्यान से पढ़ने और अनजान फाइलों या लिंक से दूरी बनाए रखने की भी अपील की गई है। समय पर अपडेट न करने पर डेटा चोरी और सिस्टम हैक होने का खतरा काफी बढ़ सकता है।

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