इस्लामाबाद में रविवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी के बीच पाकिस्तान के टी20 विश्व कप 2026 में भाग लेने के संबंध में अहम बैठक हुई। जिसमें भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के मुकाबले को बॉयकॉट करने का फैसला लिया गया।
पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने फैसला आईसीसी के बांग्लादेश के खिलाफ पक्षपाती रवैया के मद्देनजर किया गया। यह बॉयकॉट के फैसले की सबसे अहम वजह है।
पाकिस्तान सरकार के भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के 15 फरवरी, 2026 को कोलंबो में खेले जाने वाले मुकाबले के बॉयकॉट के फैसले का मकसद बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाना है।
जियो टीवी के मुताबिक पाकिस्तान सरकार के सूत्र ने आगे कहा, अगस्त 2024 में निर्विरोध आईसीसी के चेयरमैन निर्वाचित हुए जय शाह ने अपने पक्षपातपूर्ण निर्णयों से आईसीसी को इंडियन क्रिकेट काउंसिल में तब्दील कर दिया है। उनके पक्षपातपूर्ण फैसलों से न्याय और समानता के सिद्धांत चकनाचूर हो गए हैं। आईसीसी के मंच पर फैसले लेते समय दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं।
पाकिस्तान को टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारत, अमेरिका, नामीबिया और नीदरलैंड के साथ जगह मिली है। पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका के कोलंबो में खेलने हैं। पाकिस्तान अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत 7 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ करेगा। इसके बाद उसकी 10 फरवरी को अमेरिका से भिड़ंत होगी। भारत के साथ 15 फरवरी को उसकी भिड़ंत होनी है। इसके बाद पाकिस्तान की टीम अपना आखिरी लीग मुकाबला 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ खेलेगी।
बांग्लादेश के भारत में सुरक्षा कारणों से मैच खेलने से इनकार कर दिया था और अपने मुकाबलों को भारत से श्रीलंका ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था। आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ कई दौर की बैठक करने के बाद उसे भारत में खेलने या टूर्नामेंट से बाहर होने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन बांग्लादेश अपने रुख पर अड़ा रहा। ऐसे में आईसीसी ने उसे टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाकर स्कॉटलैंड को शामिल करने का निर्णय लिया।