इंसान धरती से ऊपर बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के कितनी ऊंचाई तक रह सकता है जिंदा? जवाब चौंका देगा

कभी इस बारे में सोचा है कि इंसान बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के धरती से कितने ऊपर या ऊंचाई तक जिंदा र​​ह सकता है? ये सवाल कभी न कभी मन में जरूर आया होगा। बता दें, इस सवाल का कोई एक निश्चित जवाब नहीं है, क्योंकि यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, शारीरिक अनुकूलन (acclimatization), मौसम और वहां बिताए गए समय पर निर्भर करता है। फिर भी हम इस सवाल के जवाब को समझने की कोशिश करें।

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated Jul 11 2026, 15:25 IST
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इंसान धरती से ऊपर बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के कितनी ऊंचाई तक रह सकता है जिंदा? जवाब चौंका देगा

धरती के नीचे वाले हिस्से को कई परतों में बाटा गया है, उसी तरह वायुमंडल को भी कई परतों में विभाजित किया गया है। धरती से ऊपर 12 किमी तक की ऊंचाई को 'क्षोभमंडल' कहते हैं। इसी क्षेत्र में बादल बनते हैं, तूफान बनते हैं और बिजली चमकती है। यानी मौसम संबंधित सारी गतिविधि इसी 12 किमी की ऊंचाई तक होती है। इसी लेवल पर पक्षी उड़ते हैं और प्लेन उड़ते हैं। यहां ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत तक होता है। चलिए सवाल के जवाब पर आते हैं: धरती से 4 किमी की ऊंचाई तक आप बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के रह सकते हैं। जबकि 4 से 6 किमी की ऊंचाई पर सांस लेने में दिक्कत होने लगेगी। (image - chatgpt)

ऑक्सीजन सपोर्टImage Credit : Canva02 / 07

ऑक्सीजन सपोर्ट

इसके बाद 8 किमी से ऊपर के स्तर को डेड जोन कहा जाता है, यानी यहां बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के आपकी मौत हो सकती है, या कुछ लोग तुरंत बेहोश हो सकते हैं। यहां भी ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत तक होता है।

8 किमी के बाद शुरू होता है डेड जोनImage Credit : Canva03 / 07

8 किमी के बाद शुरू होता है डेड जोन

इसके बाद 8 से 12 के बीच कुछ मिनट में मौत निश्चित है, क्योंकि ऊपर जाते जाते हवा का दबाव कम होता जाता है जिससे ऑक्सीजन पतली हो जाएगी, और आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचेगी। यहां भी ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत तक होता है।

समतापमंडलImage Credit : Canva04 / 07

समतापमंडल

12 से 50 किमी तक के लेवल या परत को 'समतापमंडल' कहते हैं। यहीं पर ओजोन परत होती है। इसी वजह से सूर्य से निकलने वाली रेडिएशन से पृथ्वी पर रहने वाले लोग बचे रह पाते हैं। बता दें, जेट विमान इसी स्तर पर उड़ते हैं। समतापमंडल में टिके रहने के लिए आपको स्पेस सूट की जरूरत है। यहां भी ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत तक होता है।

मध्यमंडलImage Credit : Canva05 / 07

मध्यमंडल

50 से 85 किमी की ऊंचाई वाले परत हो 'मध्यमंडल' कहते हैं। यह पृथ्वी को रक्षा कवच है क्योंकि आसमान से पृथ्वी के तरह आने वाले पत्थरो या उल्कापिंडों को यही परत रोकता है, यह उसे जला देता है, जिससे वो पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता है। यहां भी ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत तक होता है।

तापमंडलImage Credit : Canva06 / 07

तापमंडल

85 से 600 किमी की ऊंचाई वाले परत हो 'तापमंडल' कहते हैं। यह अत्यधिक ऊर्जावान और रहस्यमयी परत है। यही सूरज की पैराबैंगनी और एक्सरे किरणें सीधे हवा के कणों से टकराती हैं। यहां का तापमान 1500 डिग्री सेल्शियस से 2500 डिग्री सेल्शियस तक होता है। यहां भी ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत तक होता है।

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अब अंत में यह समझिए कि भले हर परत में ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत हो लेकिन हवा पतली होती जाती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई का स्तर बढ़ता चला जाता है। बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के आप 4 किमी तक की सेफ हैं।

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