भारत-इंग्लैंड सीरीज में गिल की कप्तानी में टीम इंडिया के खिलाड़ी ने हर वह काम किया जिससे उन पर गर्व होना चाहिए, लेकिन इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने चिंता जताई है। उन्होंने यह चिंता वर्कलोड मैनेजेंट को लेकर जताई है।
इस सीरीज के शुरुआत में ही जसप्रीत बुमराह ने कह दिया था कि वह हर मैच का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। वह 5 में से केवल 3 मैच ही खेलेंगे। उन्हें यह फैसला अपनी फिटनेस और वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए करना पड़ेगा। हुआ भी यही बुमराह ने पहला, तीसरा और चौथा मुकाबला खेला जबकि दूसरे और 5वें मुकाबले से वह बाहर रहे। (साभार-BCCI)
चौथे और 5वें टेस्ट के बीच केवल 3 दिन का अंतर था और वर्कलोड मैनेजमेंट का हवाला देते हुए जसप्रीत बुमराह मैच से बाहर रहे। टीम इंडिया के लिए यह करो या मरो वाला मैच था, क्योंकि वह सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही थी। लेकिन वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण यह संभव नहीं हो पाया। (साभार-ICC)
सुनील गावस्कर ने कहा कि वर्कलोड जैसे शब्द भारतीय क्रिकेट में नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा जब आप देश के लिए खेलते हैं तो दर्द को भूल जाइए। क्या बॉर्डर पर जवाब ज्यादा ठंड की शिकायत करते हैं। ऋषभ पंत को देखिए वह फ्रैक्चर होने के बावजूद बल्लेबाजी करने उतरे। (Sunil Gavaskar X)
अगर आप वर्कलोड की चिंता करेंगे तो मैदान पर बेस्ट खिलाड़ियों के साथ कभी भी उतर नहीं पाएंगे। मैं आशा करता हूं कि वर्कलोड को भारतीय क्रिकेट की डिक्शनरी से बाहर कर दिया जाएगा। (साभार-BCCI)
गावस्कर ने कहा कि मैं कब से कह रहा हूं कि वर्कलोड मेंटल चीज है, इसमें फिजिकल कुछ नहीं। खिलाड़ियों को इस बारे में बिल्कुल नहीं सोचना चाहिए। (साभार-ICC)
ओवल टेस्ट में भारत ने 6 रन जीत दर्ज कर थी। इस जीत के बाद गावस्कर ने जमकर डांस किया। आखिरी दिन के लिए वह लकी जैकेट पहनकर आए थे जो उन्होंने गाबा टेस्ट के दौरान पहनी थी। (साभार-X Sunil Gavaskar)