ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है, जो आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, सम्मान और नेतृत्व का कारक हैं। 14 जनवरी 2026 की दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर सूर्य धनु राशि से निकलकर शनि की राशि मकर में गोचर कर जाएंगे। इस गोचर के बाद से मकर संक्रांति की शुरुआत हो जाएगी। जो शुभ रहेगी, लेकिन मकर में सूर्य की स्थिति कुछ राशियों के लिए अशुभ प्रभाव डाल सकती है। मकर शनि की राशि है, जो कर्म, अनुशासन और देरी का प्रतीक है, जबकि सूर्य राजसिक और तेज ऊर्जा वाला है। इससे टकराव की स्थिति बनती है, जिससे कुछ राशियों में स्वास्थ्य समस्या, मानसिक तनाव, करियर में रुकावटें और रिश्तों में असंतुलन आ सकता है। सूर्य का गोचर कुछ राशि वालों के लिए अच्छा नहीं रहेगा, आइए जानते हैं कि यह गोचर किनके लिए अच्छा नहीं रहेगा और इसके लिए क्या उपाय कर सकते हैं।
सूर्य धनु में रहते हुए धार्मिक और वैचारिक सुख देता है, लेकिन मकर में प्रवेश करने पर यह कर्म केंद्रित और अनुशासित हो जाता है। शनि की राशि में सूर्य का गोचर देरी, कठिनाई और कर्म फल में असंतुलन लाता है। यह गोचर लगभग एक महीने तक प्रभावी रहेगा और विशेष रूप से शनि प्रभावित राशियों पर विपरीत प्रभाव डालेगा। हालांकि, मेहनत से फल मिलता है, लेकिन कुछ राशियों में यह तनाव बढ़ा सकता है। सूर्य का गोचर कुछ राशि वालों के लिए अच्छा नहीं रहेगा, आइए जानते हैं कि यह गोचर किनके लिए अच्छा नहीं रहेगा और इसके लिए क्या उपाय कर सकते हैं।
चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि के लिए सूर्य का यह गोचर सातवें भाव पर प्रभाव डालेगा। जो वैवाहिक जीवन का भाव है। इससे रिश्तों में कलह, भावनात्मक असंतुलन और गलतफहमी बढ़ सकती है। करियर में देरी हो सकती है और स्वास्थ्य में पेट या छाती की समस्या उभर सकती है। दिनचर्या में अशांति रहेगी। रोजाना चंद्रमा को दूध का अर्घ्य दें और सफेद चंदन का दान करें।
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। इस गोचर से वृश्चिक राशि वालों के गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं, स्वास्थ्य में जलन या चोट का खतरा रहेगा और करियर में असंतुलन आएगा। हनुमान जी को लाल फूल चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
शनि स्वामित्व वाली मकर राशि वालों के लिए भी यह गोचर अच्छा नहीं रहने वाला है। आपकी राशि में शनि लग्न को प्रभावित करेगा। इससे व्यक्तित्व में असंतुलन, स्वास्थ्य में थकान या हड्डी संबंधी समस्या हो सकती है। करियर में देरी और तनाव बढ़ेगा। रिश्तों में कलह का खतरा रहेगा। सूर्य देव को जल से अर्घ्य दें और ‘ओम सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें।
शनि स्वामित्व वाली राशि कुंभ के लिए यह गोचर अच्छा नहीं रहेगा। मकर में सूर्य का गोचर आपके 12 भाव पर प्रभाव डालेगा। जो व्यय और गुप्त शत्रु का घर है। इससे अप्रत्याशित खर्च बढ़ सकते हैं, स्वास्थ्य में कमजोरी आ सकती है और करियर में रुकावटें आएंगी। मानसिक तनाव और अलगाव का भाव पैदा हो सकता है। शनि देव के लिए तेल का दीपक जलाएं और ‘ओम शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें।
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं। मकर में सूर्य का गोचर 10वें भाव पर असर डालेगा। जो करियर का घर है। इससे कार्यों में देरी, मानसिक चिंता और स्वास्थ्य में कमजोरी हो सकती है। परिवार में तनाव बढ़ सकता है। विष्णु जी को पीले फूल चढ़ाएं और 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।