जंगल में आपने कई तरह के जानवरों की आवाजें सुनी होंगी। किसी पक्षी की मीठी आवाज, किसी शेर की दहाड़ या हाथी की चिंघाड़ लेकिन क्या आपने कभी ऐसे बंदर के बारे में सुना है, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दे सकती है? जी हां, दुनिया में एक ऐसा बंदर भी पाया जाता है जिसकी तेज आवाज पूरे जंगल में गूंज उठती है। आइए जानते हैं कि इतनी तेज आवाज करने वाला यह बंदर कौन सा है और क्यों इसकी आवाज इतनी ज्यादा तेज है।
हम जिस खास बंदर की बात कर रहे हैं उसका नाम हॉलर मंकी (Howler Monkey) है। बंदरों की यह खास प्रजाति अपनी खास और बेहद तेज आवाज के लिए पूरी दुनिया में जाना जाती है। इसकी आवाज इतनी तेज होती है कि शांत जंगल में यह कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दे सकती है।
इसकी आवाज की वजह से इस बंदर का नाम 'हॉलर मंकी' पड़ा है। जिसका मतलब ही जोर से आवाज लगाने वाला होता है। जब यह बंदर आवाज लगाता है तो ऐसा लगता है जैसे जंगल के बीच कोई बहुत बड़ा जानवर दहाड़ रहा हो। वन्यजीव वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बंदर की तेज आवाज 5 किलोमीटर तक भी सुनाई दे सकती है।
हॉलर बंदर की तेज आवाज सिर्फ डराने या शोर मचाने के लिए नहीं होती। इसके पीछे एक खास वजह है। ये बंदर अपनी आवाज का इस्तेमाल दूसरे समूहों से संपर्क करने और अपनी मौजूदगी बताने के लिए करते हैं। हॉलर बंदर आमतौर पर पेड़ों पर रहने वाले जानवर हैं और इनके समूह एक-दूसरे से काफी दूरी पर हो सकते हैं। ऐसे में हर बार एक-दूसरे के पास जाना मुश्किल होता है इसलिए वे तेज आवाज के जरिए दूर बैठे दूसरे बंदरों तक अपना संदेश पहुंचाते हैं।
उनकी आवाज यह बताने का काम भी कर सकती है कि इस इलाके में पहले से एक समूह मौजूद है। यानी यह आवाज उनके लिए एक तरह का 'यह इलाका हमारा है' वाला संकेत भी हो सकती है। हॉलर बंदरों को सुबह के समय जोर-जोर से आवाज लगाते हुए देखना काफी दिलचस्प होता है। कई बार पूरा समूह एक साथ आवाज निकालता है और जंगल में उनकी आवाज दूर-दूर तक गूंजने लगती है।
सुबह के समय आसपास का वातावरण अपेक्षाकृत शांत होता है। पेड़ों और जंगल की बनावट भी आवाज को दूर तक पहुंचाने में मदद करती है। यही वजह है कि हॉलर बंदर की आवाज सुनकर ऐसा महसूस हो सकता है कि आवाज बिल्कुल पास से आ रही है, जबकि बंदर काफी दूर पेड़ पर बैठा हो सकता है।
हॉलर बंदर की सबसे हैरान करने वाली बात यही है कि उसका शरीर किसी बड़े शिकारी जानवर जैसा नहीं होता, लेकिन उसकी आवाज बेहद शक्तिशाली होती है। इसकी आवाज पैदा करने में उसके गले और खास तरह की शारीरिक बनावट की बड़ी भूमिका होती है। इन बंदरों के गले में एक विशेष वोकल ऑर्गन और बढ़ी हुई हायॉइड हड्डी होती है, जो उनकी आवाज को बहुत तेज और गहरी बनाने में मदद करती है। यही कारण है कि उनका सामान्य सा दिखने वाला शरीर ऐसी आवाज निकाल पाता है, जो पूरे जंगल का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है।
हॉलर बंदर अपना ज्यादातर समय पेड़ों पर ही बिताते हैं। वे पेड़ों की पत्तियां, फल और दूसरी वनस्पतियां खाते हैं। पेड़ों की ऊंची शाखाएं उनके लिए घर की तरह होती हैं और वहीं से वे आसपास के इलाके पर नजर भी रखते हैं। इनकी जिंदगी जंगल के पेड़ों से इतनी जुड़ी हुई है कि जंगलों की कटाई इनके लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। पेड़ों की संख्या कम होने पर उनका प्राकृतिक घर और भोजन दोनों प्रभावित होते हैं।
हॉलर बंदर को अगर जंगल में देखा न भी जाए, तो उसकी आवाज से उसकी मौजूदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। यही इसकी सबसे खास पहचान है। कई बार जंगल में घूमने वाले लोगों को पहले इसकी आवाज सुनाई देती है और बाद में पेड़ों के बीच इसे देखने का मौका मिलता है। प्रकृति ने हर जानवर को अपने वातावरण में जीने के लिए अलग-अलग खूबियां दी हैं। हॉलर बंदर की सबसे बड़ी खूबी उसकी यही गूंजती हुई आवाज है। छोटा सा दिखने वाला यह बंदर जब आवाज लगाता है, तो पूरा जंगल उसकी मौजूदगी महसूस करता है।