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प्रयागराज : शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर हो स्वरूपरानी अस्पताल का नाम, राजभर ने की मांग

सुभासपा प्रमुख ने कहा कि वैसे भी नेहरू परिवार के नाम पर प्रयागराज में 40 से अधिक संस्थान हैं। ऐसे में किसी के अपमान और सम्मान का सवाल नहीं उठेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उनके इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।

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सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर।

Photo : PTI

Pryagraj News: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री एवं सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने स्वरूपरानी अस्पताल का नाम अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर रखने की मांग की है। राजभर ने ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर अस्पताल का नामकरण करने के प्रस्ताव का समर्थन किया। राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर वह अस्पताल का नाम बदलने का प्रस्ताव रखेंगे। प्रयागराज में अस्पताल का नाम बदलने की मांग तेज होती जा रही है।

पिछली गलतियों को सुधारने का यह सही समय-राजभर

दरअसल, 9 अगस्त को काकोरी एक्शन की 100वीं वर्षगांठ है। अस्पतापल का नाम इसी दिन बदलने की मांग उठी है। राजभर ने कहा कि पिछली गलतियों को सुधारने का यही सही समय है। ठाकुर रोशन सिंह के योगदान और बलिदान को सम्मान मिलना चाहिए। राजभर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी ठाकुर रोशन सिंह के सम्मान में प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की है।

सुभासपा प्रमुख ने कहा कि वैसे भी नेहरू परिवार के नाम पर प्रयागराज में 40 से अधिक संस्थान हैं। ऐसे में किसी के अपमान और सम्मान का सवाल नहीं उठेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उनके इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को भी पता है कि महाराजा सुहेलदेव राजभर को सम्मान दिलाने में लगभग हजार साल लग गए जबकि तब तक विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी की इस देश में पूजा होती रही।

स्मारक पर चल रहा आंदोलन

रिपोर्टों के मुताबिक,अंग्रेजों के जमाने में अस्पताल वाली जगह पर जेल हुआ करती थी। कई क्रांतिकारी कैदियों को इस जेल में रखा गया था और इसी जेल में रोशन सिंह को फांसी के फंदे पर लटकाया गया था। बता दें कि स्वरूप नेहरू मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने मांग को लेकर ठाकुर रोशन सिंह के स्मारक पर तीन दिन से आंदोलन चल रहा है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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