नौतपा 2026: रोहिणी नक्षत्र का वो डरावना सच, जो धरती को बना देगा धधकती भट्टी! 9 दिन तक रहें सावधान

नौतपा 2026 की शुरुआत 25 मई से हो रही है, जिसे 'रोहिणी नक्षत्र' का काल माना जाता है। इस दौरान भीषण गर्मी और हीटवेव का खतरा बढ़ जाता है। जानें नौतपा के वैज्ञानिक-ज्योतिषीय महत्व, 'धधकती भट्टी' जैसी स्थिति के कारणों और भीषण गर्मी से बचने के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी

Authored by: रवि वैश्यUpdated May 25 2026, 07:42 IST
आखिर नौतपा का रहस्य क्या है?Image Credit : AI Image/istock01 / 07

आखिर नौतपा का रहस्य क्या है?

नौतपा 2026: क्या 25 मई से धरती पर बरसेगी आग? यह 'ज्योतिष और विज्ञान' का अनोखा संगम है। जानिए क्यों इन 9 दिनों को माना जाता है सबसे खतरनाक

​सूर्य और रोहिणी का संयोगImage Credit : AI Image/istock02 / 07

​सूर्य और रोहिणी का संयोग

ज्योतिष और खगोल विज्ञान के अनुसार, जब ब्रह्मांड का सबसे गर्म ग्रह 'सूर्य', रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो नौतपा की शुरुआत (Rohini Nakshatra Nautapa) होती है। रोहिणी नक्षत्र को चंद्रमा का घर माना जाता है और यह स्वभाव से बेहद शीतल (ठंडा) होता है।

​जब शीतल घर में आता है सूर्यImage Credit : AI Image/istock03 / 07

​जब शीतल घर में आता है सूर्य

रोहिणी नक्षत्र की शीतलता के कारण सूर्य की तपिश और उग्रता कई गुना बढ़ जाती है। सूर्य इस नक्षत्र को अपने प्रभाव में ले लेता है, जिससे चंद्रमा की ठंडक खत्म हो जाती है। यही वो संयोग है जो पृथ्वी के वातावरण को एक तपती हुई भट्टी में बदल देता है।

​विज्ञान का नजरियाImage Credit : AI Image/istock04 / 07

​विज्ञान का नजरिया

केवल ज्योतिष ही नहीं, विज्ञान भी इस दौरान भयंकर गर्मी (Heatwave) की पुष्टि करता है। मई के आखिर में सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होता है। इस समय राजस्थान और मध्य भारत के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म पछुआ हवाएं पूरे देश को तपा देती हैं। इस साल नौतपा के दौरान सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है इसका मुख्य कारण एल नीनो का सक्रिय और मजबूत होना है

​सिर्फ 9 दिन ही क्यों?​Image Credit : AI Image/istock05 / 07

​सिर्फ 9 दिन ही क्यों?​

सूर्य वैसे तो रोहिणी नक्षत्र में पूरे 15 दिन रहता है, लेकिन शुरुआती 9 दिनों में पृथ्वी पर सूर्य की किरणें बिल्कुल सीधी (90 डिग्री पर) पड़ती हैं। इन 9 दिनों में हवा का चलना लगभग बंद हो जाता है, जिससे उमस और लू (Heatwave) अपने चरम पर पहुंच जाती है।

​जितना तपेगा, उतना बरसेगा!Image Credit : AI Image/istock06 / 07

​जितना तपेगा, उतना बरसेगा!

नौतपा का खतरनाक होना एक तरह से वरदान भी है। शास्त्रों और विज्ञान दोनों के मुताबिक, नौतपा के दौरान धरती जितनी ज्यादा तपती है, समुद्र में उतना ही कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Zone) बनता है। इससे उस साल मानसून (Monsoon) बेहद मजबूत और बंपर बारिश वाला होता है।

​25 मई से रहें सावधान!Image Credit : AI Image/istock07 / 07

​25 मई से रहें सावधान!

इस साल नौतपा के दौरान पारा 46 डिग्री के पार जा सकता है। इससे बचने के लिए दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें, नींबू पानी या ओआरएस का इस्तेमाल करें। सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।

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