बिना नदियों वाले देश, फिर भी पानी की कमी नहीं; क्या है राज?

दुनिया में नदियां जीवन का आधार मानी जाती हैं, लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां एक भी स्थायी नदी नहीं बहती। ये देश रेगिस्तानी भूगोल और सीमित जल स्रोतों के बावजूद अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। तकनीक और संसाधनों के सहारे यहां पानी का प्रबंधन किया जाता है। आइए जानते हैं ऐसे 7 देशों के बारे में।

Produced by: पीयूष कुमारUpdated Apr 23 2026, 12:05 IST
सऊदी अरबImage Credit : AI IMAGE/ istock01 / 07

सऊदी अरब

यह दुनिया का सबसे बड़ा देश है जहां कोई स्थायी नदी नहीं है। यहां “वाडी” नाम की सूखी धाराएं बारिश के समय ही भरती हैं। पानी के लिए देश मुख्य रूप से भूजल पर निर्भर है। डिसेलिनेशन भी तेजी से बढ़ रहा है।

कतरImage Credit : AI IMAGE/ istock02 / 07

कतर

रेगिस्तानी और समतल भूभाग के कारण यहां नदियां और झीलें नहीं हैं।देश पूरी तरह तकनीक आधारित जल स्रोतों पर निर्भर है। डिसेलिनेशन मुख्य स्रोत है। भूजल भी सीमित मात्रा में उपलब्ध है।

संयुक्त अरब अमीरतImage Credit : AI IMAGE/ istock03 / 07

संयुक्त अरब अमीरत

यहां प्राकृतिक नदियां नहीं हैं। समुद्री पानी को मीठा बनाकर इस्तेमाल किया जाता है। डिसेलिनेशन प्लांट्स यहां की लाइफलाइन हैं। पानी का बेहद सावधानी से उपयोग किया जाता है।

कुवैतImage Credit : AI IMAGE/ istock04 / 07

कुवैत

यहां नदियां और झीलें दोनों का अभाव है। अत्यधिक गर्मी और कम बारिश बड़ी चुनौती है। समुद्री पानी को मीठा बनाकर उपयोग किया जाता है। जल संरक्षण यहां बेहद जरूरी है।

बहरीन Image Credit : AI IMAGE/ istock05 / 07

बहरीन

पहले यहां समुद्र के नीचे मीठे पानी के स्रोत थे, लेकिन अब ये लगभग खत्म हो चुके हैं। आज देश पूरी तरह डिसेलिनेशन पर निर्भर है। जल संकट एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।

ओमान Image Credit : AI IMAGE/ istock06 / 07

ओमान

यहां स्थायी नदियां नहीं हैं, लेकिन “वाडी” मौजूद हैं। ये मौसमी धाराएं बारिश में ही बहती हैं। पारंपरिक ‘अफलाज’ सिस्टम से पानी बांटा जाता है। यह सिस्टम सदियों पुराना है।

मालदीवImage Credit : AI IMAGE/ istock07 / 07

मालदीव

यह एक बेहद समतल द्वीप देश है। यहां नदियां बनने की कोई संभावना नहीं है। पानी मुख्य रूप से बारिश और भूजल से मिलता है। जल स्रोत बेहद संवेदनशील और सीमित हैं।

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