प्याज में क्वेरसेटिन नाम का एक प्लांट कंपाउंड पाया जाता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभाता है। क्वेरसेटिन के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों पर भी रिसर्च हुई है। इसे संतुलित डाइट का हिस्सा मानना बेहतर है।
प्याज में फाइबर भी पाया जाता है। एक बड़ी प्याज में करीब 2 से 2.5 ग्राम फाइबर होने की बात बताई गई है। फाइबर पाचन तंत्र के लिए जरूरी है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद कर सकता है।
प्याज काटते समय आंखों से आंसू आने का कारण इसमें मौजूद सल्फर कंपाउंड होते हैं। प्याज काटने पर ये कंपाउंड आंखों में जलन पैदा करते हैं और आंसू आने लगते हैं। इन्हीं सल्फर कंपाउंड को प्याज के कुछ संभावित स्वास्थ्य लाभों से भी जोड़ा जाता है। इनमें कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर से जुड़े संभावित फायदे शामिल हैं।
प्याज में विटामिन सी, विटामिन बी6 और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इसकी कैलोरी भी ज्यादा नहीं होती। ऐसे में रोज के खाने में प्याज शामिल करना डाइट को कुछ जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स देने का आसान तरीका हो सकता है।
प्याज को सलाद में कच्चा खाया जा सकता है या सब्जी और दाल में पकाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे खाने का तरीका स्वाद के साथ उसके पोषक तत्वों पर भी असर डाल सकता है। इसलिए इसे जरूरत से ज्यादा खाने के बजाय सामान्य मात्रा में दूसरी सब्जियों के साथ डाइट में शामिल करना बेहतर विकल्प है।
कुल मिलाकर प्याज भले ही हमारी थाली की सबसे साधारण चीज हो, लेकिन इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और दूसरे प्लांट कंपाउंड पाए जाते हैं। इसलिए इसे संतुलित मात्रा में खाना ज्यादा जरूरी है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि प्याज खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है। हालांकि सिर्फ प्याज खाने से इस समस्या का इलाज नहीं किया जा सकता। अगर किसी व्यक्ति को कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर या दूसरी स्वास्थ्य समस्या है तो डॉक्टर की सलाह और सही डाइट प्लान को प्राथमिकता देनी चाहिए।