नए साल में शुरू होगा लखनऊ मेट्रो फेज-2, पुराने लखनऊ को जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम

Lucknow Metro: लखनऊ के लिए कनेक्टिविटी के लिहाज से यह साल बड़ा होने जा रहा है। लखनऊ मेट्रो के सेकंड फेज के निर्माण कार्य की शुरुआत 2026 में होने की तैयारी है। केंद्र सरकार से 5801 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो प्रशासन ने परियोजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह नया कॉरिडोर पुराने लखनऊ को आधुनिक परिवहन से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

Authored by: निशांत तिवारीUpdated Jan 4 2026, 13:23 IST
शुरू होगा मेट्रो फेज-2 का निर्माणImage Credit : AI Image01 / 07

शुरू होगा मेट्रो फेज-2 का निर्माण

केंद्र सरकार से बजट स्वीकृति मिलने के बाद लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मिट्टी की जांच जैसे प्रारंभिक कार्य पूरे किए जा चुके हैं और अब संबंधित विभागों से ज़मीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। (सांकेतिक तस्वीर)

11 किलोमीटर से ज्यादा लंबी होगी ब्लू लाइनImage Credit : AI Image02 / 07

11 किलोमीटर से ज्यादा लंबी होगी ब्लू लाइन

मेट्रो फेज-2 के तहत चारबाग से वसंत कुंज तक ब्लू लाइन विकसित की जाएगी। इस रूट की कुल लंबाई 11 किलोमीटर से अधिक होगी, जिसमें एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों सेक्शन शामिल रहेंगे। (सांकेतिक तस्वीर)

घनी आबादी के कारण ज्यादा अंडरग्राउंड रूटImage Credit : AI Image03 / 07

घनी आबादी के कारण ज्यादा अंडरग्राउंड रूट

पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरने के चलते इस लाइन में अंडरग्राउंड हिस्से को प्राथमिकता दी गई है। इससे यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर कम असर पड़ेगा। (सांकेतिक तस्वीर)

12 नए स्टेशन, चारबाग बनेगा बड़ा इंटरचेंजImage Credit : AI Image04 / 07

12 नए स्टेशन, चारबाग बनेगा बड़ा इंटरचेंज

ब्लू लाइन पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। चारबाग स्टेशन फेज-1 और फेज-2 को जोड़ने वाला इंटरचेंज स्टेशन बनेगा, जिससे यात्रियों को रूट बदलने में आसानी होगी। (सांकेतिक तस्वीर)

पुराने लखनऊ को जोड़ने की बड़ी पहलImage Credit : AI Image05 / 07

पुराने लखनऊ को जोड़ने की बड़ी पहल

चारबाग, अमीनाबाद, चौक, पांडेयगंज और ठाकुरगंज जैसे इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए जमीन चिन्हित की गई है। शासन स्तर पर इस संबंध में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। (सांकेतिक तस्वीर)

बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के लिए समाधानImage Credit : AI Image06 / 07

बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के लिए समाधान

यूपी मेट्रो प्रशासन का कहना है कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को शहर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह परियोजना लखनऊ के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम साबित होगी। (सांकेतिक तस्वीर)

KGMU और बाजार इलाकों तक आसान पहुंचImage Credit : AI Image07 / 07

KGMU और बाजार इलाकों तक आसान पहुंच

नई मेट्रो लाइन रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और एयरपोर्ट को KGMU से जोड़ेगी। इससे मरीजों, तीमारदारों और आम यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही अमीनाबाद और चौक जैसे बाजार क्षेत्रों में जाम की समस्या भी कम होगी। (सांकेतिक तस्वीर)

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