केंद्र सरकार से बजट स्वीकृति मिलने के बाद लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मिट्टी की जांच जैसे प्रारंभिक कार्य पूरे किए जा चुके हैं और अब संबंधित विभागों से ज़मीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। (सांकेतिक तस्वीर)
मेट्रो फेज-2 के तहत चारबाग से वसंत कुंज तक ब्लू लाइन विकसित की जाएगी। इस रूट की कुल लंबाई 11 किलोमीटर से अधिक होगी, जिसमें एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों सेक्शन शामिल रहेंगे। (सांकेतिक तस्वीर)
पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरने के चलते इस लाइन में अंडरग्राउंड हिस्से को प्राथमिकता दी गई है। इससे यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर कम असर पड़ेगा। (सांकेतिक तस्वीर)
ब्लू लाइन पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। चारबाग स्टेशन फेज-1 और फेज-2 को जोड़ने वाला इंटरचेंज स्टेशन बनेगा, जिससे यात्रियों को रूट बदलने में आसानी होगी। (सांकेतिक तस्वीर)
चारबाग, अमीनाबाद, चौक, पांडेयगंज और ठाकुरगंज जैसे इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए जमीन चिन्हित की गई है। शासन स्तर पर इस संबंध में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। (सांकेतिक तस्वीर)
यूपी मेट्रो प्रशासन का कहना है कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को शहर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह परियोजना लखनऊ के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम साबित होगी। (सांकेतिक तस्वीर)
नई मेट्रो लाइन रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और एयरपोर्ट को KGMU से जोड़ेगी। इससे मरीजों, तीमारदारों और आम यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही अमीनाबाद और चौक जैसे बाजार क्षेत्रों में जाम की समस्या भी कम होगी। (सांकेतिक तस्वीर)