मानसून में और भी खूबसूरत दिखते हैं लिविंग रूट ब्रिज? जानें सदियों पुराने कुदरत के चमत्कार को देखने का सही समय

Living Root Bridges: कुदरत का चमत्कार देखने के लिए आपको मानसून में कुछ खास जगहों पर घूमने का प्लान बना लेना चाहिए। आज हम आपको लिविंग रूट ब्रिज के बारे में बताएंगे जिन्हें देखने दुनिया भर से लोग आते हैं।

Authored by: गुलशन कुमारUpdated Jul 14 2026, 11:26 IST
पेड़ से बनते हैं पुल01 / 07

पेड़ से बनते हैं पुल

आप जंगल में हैं और यहां चारों ओर हरियाली, नीचे बहती नदी और सामने ऐसा पुल, जिसे न लोहे से बनाया गया है और न ही सीमेंट से। जी हां देश में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां लिविंग रूट ब्रिज आपकी यात्रा का माध्यम बन सकते हैं। ये पुल पेड़ की जड़ों से तैयार होते हैं।

​सदियों पुराना है इतिहास​Image Credit : Canva02 / 07

​सदियों पुराना है इतिहास​

इन लिविंग रूट ब्रिज का इतिहास सदियों पुराना है। देश में मौजूद कई लिविंग ब्रिज 100 से 500 साल या उससे भी अधिक पुराने माने जाते हैं।

​मानसून में बढ़ती है खूबसूरती​Image Credit : Canva03 / 07

​मानसून में बढ़ती है खूबसूरती​

बारिश का मौसम जंगलों को हरियाली की चादर से ढक देता है। यही वजह है कि मानसून के सीजन में लिविंग रूट ब्रिज की खूबसूरती और भी ज्यादा निखर जाती है।

​समय के साथ मजबूत​Image Credit : Canva04 / 07

​समय के साथ मजबूत​

आपने देखा होगा कि सीमेंट सरिया से तैयार मजबूत से मजबूत ब्रिज भी समय के साथ कमजोर होता चला जाता है, लेकिन ये लिविंग रूट ब्रिज की खासियत है कि इनकी मजबूती समय के साथ और ज्यादा बढ़ जाती है।

​घूमने का सही समय​Image Credit : Canva05 / 07

​घूमने का सही समय​

यदि आप लिविंग रूट ब्रिज देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको जुलाई से सितंबर के बीच जाना चाहिए। इस दौरान देश में मानसून का सीजन होता है और यहां आपको शानदार नजारे देखने को मिलेंगे।

​कहां मौजूद हैं ये ब्रिज​Image Credit : Canva06 / 07

​कहां मौजूद हैं ये ब्रिज​

मेघालय की हरी-भरी खासी और जयंतिया पहाड़ियों में बसे सोहरा (चेरापूंजी), नोंगरियात और मावलिननोंग जैसे गांव लिविंग रूट ब्रिज के लिए पूरी दुनिया में फेमस हैं। इनमें भी सबसे खास मेघालय का सबसे लंबा लिविंग रूट ब्रिज है। इसकी लंबाई लगभग 175 फीट बताई जाती है।

​सस्टेनेबल डेवलेपमेंट का उदाहरण​Image Credit : Canva07 / 07

​सस्टेनेबल डेवलेपमेंट का उदाहरण​

लिविंग रूट ब्रिज इंसान और प्रकृति के बीच हो रहे सस्टेनेबल डेवलपमेंट का शानदार उदाहरण हैं। यह ब्रिज ये बात साफ-साफ बताते हैं कि विकास और पर्यावरण साथ-साथ चल सकते हैं।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!