Unlucky Zodiac Signs 15 July 2026 : वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी भी दिन का प्रभाव केवल वार या तिथि से ही नहीं, बल्कि चंद्रमा की स्थिति, नक्षत्र, योग, करण और ग्रहों के गोचर से भी निर्धारित होता है। 15 जुलाई 2026 को ग्रहों की चाल कई महत्वपूर्ण संकेत दे रही है। इस दिन आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा सुबह 11 बजकर 50 मिनट तक रहेगी, उसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ होगी। पुष्य नक्षत्र रात 9 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद अश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा। सुबह 8 बजकर 4 मिनट तक हर्षण योग रहेगा, इसके बाद वज्र योग का निर्माण होगा। वज्र योग को कई मामलों में टकराव, मानसिक तनाव और निर्णयों में बाधा देने वाला माना जाता है। चंद्रमा का अपनी ही राशि में होना मानसिक शक्ति तो देगा, लेकिन अश्लेषा नक्षत्र और वज्र योग के प्रभाव से कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
प्राचीन ग्रंथ 'बृहत संहिता' और 'फलदीपिका' के अनुसार, वज्र योग का स्वामी देवराज इंद्र को माना गया है। वज्र का अर्थ कठोरता और शक्ति होता है। इस योग में किए गए कार्यों में व्यक्ति का आत्मविश्वास तो बहुत ऊंचा रहता है, लेकिन जिद या अहंकार के कारण परिस्थितियां बार-बार उसकी परीक्षा लेती हैं। इस योग में विवाद, अहंकार, गलत निर्णय, पारिवारिक मतभेद और आर्थिक मामलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। विशेष रूप से जब बुद्धि का कारक बुध वक्री व अस्त हो, और भाग्य व विवेक का कारक गुरु भी अस्त हो, तब व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता बहुत कमजोर हो जाती है। ऐसे समय में लिया गया कोई भी बड़ा फैसला 'वज्र' की तरह भारी पड़ सकता है, इसलिए इस दिन टालने योग्य निर्णयों को टालना ही बेहतर माना जाता है।
15 जुलाई का दिन मिथुन राशि वालों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है क्योंकि आपकी ही राशि में सूर्य के साथ वक्री और अस्त बुध होने से निर्णय लेने में अत्यधिक भ्रम की स्थिति बन सकती है। ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करें और नौकरी बदलने या कोई नया अनुबंध करने का विचार फिलहाल के लिए टाल देना ही आपके हित में रहेगा। व्यापारियों को दस्तावेजों और लेन-देन में विशेष सावधानी बरतनी होगी, इसलिए किसी भी कागजी कार्य पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें और किसी की सुनी-सुनाई बातों में आकर निवेश न करें। इस दिन के शुभ प्रभाव को बढ़ाने और मानसिक स्पष्टता के लिए भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
चंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, लेकिन गुरु के अस्त होने और रात में अश्लेषा नक्षत्र शुरू होने से आपके भावनात्मक निर्णय बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। अश्लेषा नक्षत्र के प्रभाव से मन में अचानक से असुरक्षा की भावना आ सकती है और परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद होने की आशंका है। स्वास्थ्य की दृष्टि से पेट और पाचन संबंधी समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी तथा आर्थिक मामलों में जल्दबाजी बिल्कुल न करें। गुस्से या भावुकता में आकर कोई बड़ा निर्णय न लें, परिवार के लोगों की बात को धैर्यपूर्वक सुनें और इस दिन के शुभ प्रभाव के लिए भगवान शिव का जलाभिषेक करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का शांत मन से जाप करें।
तुला राशि वालों के लिए यह दिन करियर और प्रतिष्ठा के लिहाज से थोड़ा संवेदनशील रहेगा क्योंकि दसवें भाव में चंद्रमा का गोचर होने के बावजूद वज्र योग के कारण वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद हो सकते हैं। यदि किसी नई नौकरी का प्रस्ताव मिल रहा है, तो उसकी पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही कोई निर्णय लें और व्यवसाय में साझेदारी से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता बनाए रखें। क्षणिक क्रोध में आकर इस्तीफा देने या बड़ा आर्थिक जोखिम लेने से पूरी तरह बचें और दिन को अनुकूल बनाने के लिए कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें और शुक्रवार को सुगंधित इत्र का दान करें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए लंबी यात्रा, कानूनी विवाद और सरकारी कार्यों में देरी की संभावना बन सकती है क्योंकि नवम भाव का स्वामी चंद्रमा होने के बावजूद अश्लेषा नक्षत्र के कारण किसी पुराने विवाद के दोबारा सामने आने के योग दिखाई दे रहे हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की बहुत आवश्यकता होगी ताकि परीक्षा में बेहतर परिणाम मिल सकें। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें, किसी भी कानूनी दस्तावेज को बिना जांचे-परखे स्वीकार न करें और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का यथासंभव जाप करें और भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें।
राहु आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसके कारण निर्णय लेने में भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति बन सकती है इसलिए किसी के कहने पर या सोशल मीडिया के विज्ञापनों को देखकर निवेश करना इस दिन भारी नुकसान पहुंचा सकता है। व्यापारियों को नए सौदों और उधार के लेन-देन में विशेष सावधानी रखनी होगी और परिवार में किसी बुजुर्ग सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर आपकी चिंता थोड़ी बढ़ सकती है। इस दिन कर्ज का लेन-देन करने से बिल्कुल बचें, शेयर बाजार में किसी भी प्रकार का जोखिम भरा निवेश न करें और राहत पाने के लिए शनिवार को शनि मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करें और जरूरतमंद लोगों को काले तिल का दान करें।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।