भारत के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में मौजूद मणिपुर, त्रिपुरा, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड को सेवन सिस्टर कहा जाता है?
इन सातों राज्यों के बीच आपसी निर्भरता, सांसकृतिक समानता और भौगोलिक जुड़ाव है। इसके साथ ही इन सभी राज्यों की सामाजिक और आर्थिक परिस्थियां भी काफी मिलती जुलती है, जिसके आधार पर उन्हें सेवन सिस्टर का नाम दिया गया है।
भौगोलिग, समाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव के अलावा एक और बात है जिसकी वजह से इन्हें सेवन सिस्टर कहा जाता है। बता दें कि पहले उत्तर-पूर्वी भारत में केवल तीन राज्य थे। जो मणिपुर, त्रिपुरा और असम थे। बाद में इनसे अलग करते अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड राज्य के रूप में स्थापित किए गए।
पूर्वोत्तर में स्थित 8वां राज्य सिक्किम सात बहनों के भाई के तौर पर जाना जाता है। सिक्किम भारत का हिस्सा 1975 में बना था। एक जनमत संग्रह में वहां की जनता ने भारत में शामिल होने पर बहुमत दिया, जिसके बाद यह भारत के पूर्वोत्तर का हिस्सा बना।
सिक्किम, सेवन सिस्टर राज्यों के बेहद करीब है। इस राज्य को सिलीगुड़ी कॉरिडोर इन सात राज्यों से जोड़ता तो है, लेकिन इन सबसे एक अलग राज्य के तौर पर दर्शाता भी है। यही कारण है कि इसे चिकन नेक भी कहा जाता है। अलग होकर भी सिक्किम को पूर्वोत्तर से कनेक्ट करने के लिए सेवन सिस्टर के भाई का दर्जा दिया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में कुल 8 राज्य हैं- अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम। इसमें सिक्किम को भाई और अन्य सात राज्यों को सेवन सिस्टर का दर्जा दिया गया है। भाई-बहन का यही रिश्ता पूर्वोत्तर की पहचान बन गया है। मिलती-जुलती संस्कृति, खान-पान, परंपरा और भौगोलिक स्थिति इन्हें एक दूसरे से जोड़ती है।
सिक्किम राज्य का 50 प्रतिशत भूभाग या तो वन क्षेत्र के रूप में या पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में नामिक है। इसी वजह से इस राज्य को ग्रीन स्टेट ऑफ इंडिया (Green State of India) के रूप में जाना जाता है।