यह नया कॉरिडोर नेशनल हाईवे-48 (दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे) पर खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास से शुरू होकर वाटिका चौक तक जाएगा। 755 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट अगले 30 महीनों में बनकर तैयार होगा। इसका मुख्य उद्देश्य दक्षिणी गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे के बीच यात्रा को बिना किसी बाधा के सुगम बनाना है। (AI Image)
फिलहाल, जयपुर या द्वारका एक्सप्रेसवे से सोहना और फरीदाबाद जाने वाले यात्रियों को राजीव चौक या सुभाष चौक जैसे व्यस्त चौराहों से होकर गुजरना पड़ता है। नया एलिवेटेड कॉरिडोर इन जाम वाले रास्तों का एक सीधा और तेज विकल्प देगा। इससे सेक्टर 69 से 75 के निवासियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि उनके लिए मुख्य हाईवे तक पहुंचने का रास्ता छोटा और सिग्नल-फ्री हो जाएगा। (AI Image)
प्रोजेक्ट के डिजाइन के तहत, यहां 3+3 लेन की प्राइमरी सर्विस रोड और 2+2 लेन की सेकेंडरी सर्विस लेन बनाई जाएंगी। इसके साथ ही प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक के सुचारू प्रवेश और निकास के लिए टू-लेन के 'अप एंड डाउन' रैंप भी दिए जाएंगे। GMDA के CEO पी.सी. मीणा के अनुसार, यह हाई-कैपेसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर शहर की बढ़ती जरूरतों और आर्थिक विकास को सहारा देने के लिए अनिवार्य है। (AI Image)
NHAI द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक भव्य चार-लेन वाला ट्रम्पेट इंटरचेंज बनाने की तैयारी कर रहा है। 923 करोड़ रुपये का यह निवेश हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (HSIIDC) कर रही है। इसका प्राथमिक उद्देश्य निर्माणाधीन 'ग्लोबल सिटी' और 'विजन सिटी' को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के आर्थिक केंद्र बनेंगे। (AI Image)
द्वारका एक्सप्रेसवे पर बनने वाला यह इंटरचेंज पटौदी रोड के पास स्थित होगा। यहां एडवांस इंजीनियरिंग तकनीक जैसे 'बॉक्स-पुशिंग' का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक को रोके बिना ही अंडरपास और टनल का निर्माण किया जा सकेगा। यह इंटरचेंज 3 किलोमीटर से अधिक के रैंप और नई सड़कों से लैस होगा। (AI Image)
प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में वाटिका चौक पर एक इंटरचेंज का प्रस्ताव है, जो SPR और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा। इससे द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे और सोहना रोड एक तेज नेटवर्क के जरिए आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे पूरे गुरुग्राम की मोबिलिटी बदल जाएगी।
ये दोनों प्रोजेक्ट्स केवल हाल-फिलहाल के जाम को खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि अगले कई दशकों की ट्रैफिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं। एलिवेटेड सड़कों के कारण जमीन के स्तर पर भीड़भाड़ कम होगी, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा। यह पूरा नेटवर्क गुरुग्राम को एक वर्ल्ड लेवल और फ्यूचर-रेडी शहर के रूप में स्थापित करेगा।