Prayagraj-Ayodhya Expressway: स्टीयरिंग पर हाथ रखते ही मिल जाएगी मंजिल, बनने वाला है 90 KM लंबा प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे

Prayagraj-Ayodhya Expressway: उत्तर प्रदेश के 2 अध्यात्मिक और धार्मिक नगरों तक कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए प्रयागराज-अयोध्या 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। इस हाईटेक मार्ग को विकसित करने के लिए 5000 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। आइये जानते हैं ये हाईटेक मार्ग कहां से होकर गुजरेगा?

Authored by: पुष्पेंद्र कुमारUpdated Oct 4 2024, 11:22 IST
यूपी का धार्मिक एक्सप्रेसवे01 / 07

यूपी का धार्मिक एक्सप्रेसवे

यूपी के दो बड़े धार्मिक शहरों तक सीधी कनेक्टिविटी देने लिए प्रयागराज से अयोध्या तक 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। इस 6 लेन हाईटेक मार्ग के बनने से अयोध्या, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के लोगों को सीधा और आसपास के जिलों के लोगों को भी लाभ मिलेगा।

​6 लेन 90 किमी. लंबा एक्सप्रेसवे​Image Credit : Istock02 / 07

​6 लेन 90 किमी. लंबा एक्सप्रेसवे​

अयोध्या-प्रयागराज हाईवे की बाईं तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 4 लेन की जगह 6 लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण होगा। इस मार्ग की लंबाई 90 किलोमीटर है, जिसको विकसित करने में 5000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इस बजट में किसानों से अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का मुआवजा भी शामिल है। कयास लगाए जा रहे हैं तीन साल में यह एक्सप्रसेवे बनकर तैयार हो जाएगा।

अयोध्या-प्रतापगढ़-प्रयागराज को जोड़ेगा एक्सप्रेसवेImage Credit : Istock03 / 07

अयोध्या-प्रतापगढ़-प्रयागराज को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे

यह नया एक्सप्रेसवे वर्तमान सड़क के समानान्तर बनाया जाएगा। वर्तमान में अयोध्या से प्रतापगढ़-2 लेन और प्रतापगढ़ से प्रयागराज तक 4 लेन सड़क से आवागमन किया जाता है। लिहाजा, एनएचएआई ने प्रयागराज अयोध्या-प्रयागराज हाईवे को फोरलेन करने के बजाय 6 लेन एक्सप्रेसवे में तब्दील कराने का प्लान किया है।

प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे रूट मैप​Image Credit : Istock04 / 07

प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे रूट मैप​

वर्तमान हाईवे में वाहनों के भारी दबाव से ट्रैफिक समस्या और दुर्घटनाओं की संख्या में तेजी से इजाफा देखा जा रहा था। कई गांवों के बीच से हाईवे गुजरने के कारण अनायाश ट्रैफिक धीमा रहता है। साथ ही जानवरों और छोटी गाड़ियों की अधिकता भी परेशानी का सबब बनती है। प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी टीएएसपीएल दिल्ली को सौंपी गई है। इस नए एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रतापगढ़ जिले के गोंडे गांव सोनावा से अयोध्या के परिक्रमा स्थल भरत कुंड के पास तक कराया जाना है, जिसकी लंबाई 90 किलोमीटर होगी।

एक्सेस कंट्रोल होगा एक्सप्रेसवेImage Credit : Istock05 / 07

एक्सेस कंट्रोल होगा एक्सप्रेसवे

प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 38 मीटर होगी। इसमें 15-15 मीटर के कैरिज-वे, दो मीटर का फोल्डर और सर्विस रोड को शामिल किया जाएगा। सड़क मार्ग के दोनों ओर प्रतिबंधित लोहे के गार्डर लगाए जाएंगे, ताकि मवेशी इत्यादि अंदर न आ सकें। साथ इस पर तीन पहिया, ट्रैक्टर समेत छोटे वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण 45-45 किलोमीटर के दो फेज में कराया जाएगा। पहला फेज 84 कोस परिक्रमा स्थल अयोध्या भरत कुंड परिक्रमा मार्ग से कटका तक और दूसरा फेज कटका से गोंडे गांव सोनावां तक किया जाएगा।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ेगाImage Credit : Istock06 / 07

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा

प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे मार्ग पर करीब 6 आरओबी और सेतु निर्माण किया जाएगा, जिसमें लखनऊ-वाराणसी रेल खंड पर एक ओवरब्रिज और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे क्रासिंग पर 18 मीटर ऊंचाई पर 6 लेन का फ्लाईओवर, गोमती नदी पर 6 लेन समेत कई अन्य जगह पुल निर्माण भी शामिल है।

 सफर का समय होगा कमImage Credit : Istock07 / 07

सफर का समय होगा कम

अयोध्या और प्रयागराज बड़े धार्मिक और अध्यात्मिक शहर हैं, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या पर्यटक दर्शन के वास्ते पहुंचते हैं। ऐसे में यह नया एक्सप्रेसवे पर्यटकों को एक ही दिन में दोनों धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में काफी हद तक मदद करेगा। इस मार्ग के बनने से अयोध्या से प्रयागराज पहुंचने में महज ढाई घंटे का समय लगेगा। वर्तमान 167 किलोमीटर की दूरी कवर करने में करीब 4 घंटे का समय खर्च करना पड़ता है।

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