भारत में किसने खरीदा अकेले 6 महीने में 600 किलो सोना और क्यों?

Gold Buying: भारत में सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड तेजी के बाद हाल के दिनों में दोनों की कीमतों में जबरदस्त गिरावट हुई है। 24 कैरेट सोने के दाम घटकर 1,24,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब गया है जबकि चांदी की कीमत घटकर 151000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इसी बीच आरबीआई ने अपना स्वर्ण भंडार बढ़ाया है। आइए जानते हैं किसने पिछले 6 महीने में 600 किलो सोना खरीदा।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated Oct 23 2025, 16:04 IST
​RBI ने सितंबर में खरीदा 200 किलो सोना​Image Credit : Istock01 / 08

​RBI ने सितंबर में खरीदा 200 किलो सोना​

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का स्वर्ण भंडार 880 टन के स्तर को पार कर गया है। सितंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में केंद्रीय बैंक ने 0.2 टन (200 किलोग्राम) सोना खरीदा, जिससे कुल भंडार 880.18 टन तक पहुंच गया। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में दर्ज 879.58 टन से थोड़ा अधिक है।

​RBI ने 6 महीने में खरीदा 600 किलो सोना​Image Credit : Istock02 / 08

​RBI ने 6 महीने में खरीदा 600 किलो सोना​

सितंबर में समाप्त हुई छमाही के दौरान RBI ने कुल 0.6 टन (600 किलोग्राम) सोना खरीदा। इसमें जून में 0.4 टन और सितंबर में 0.2 टन की खरीद शामिल रही। यह निरंतर निवेश दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक अपनी आरक्षित संपत्तियों में स्थिर और सुरक्षित एसेट्स को प्राथमिकता दे रहा है।

​विश्व स्तर पर केंद्रीय बैंकों ने खरीदा 166000 किलो सोना​Image Credit : Istock03 / 08

​विश्व स्तर पर केंद्रीय बैंकों ने खरीदा 166000 किलो सोना​

वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों ने भी अपने आधिकारिक स्वर्ण भंडार में कुल 166 टन (166000) सोना खरीदा है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सोना अब भी दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के लिए एक पसंदीदा और सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है।

​RBI के पास करीब 95 अरब डॉलर का कुल स्वर्ण भंडार​Image Credit : Istock04 / 08

​RBI के पास करीब 95 अरब डॉलर का कुल स्वर्ण भंडार​

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार 26 सितंबर 2025 तक भारत के स्वर्ण भंडार का कुल मूल्य लगभग 95 अरब डॉलर आंका गया है। यह वृद्धि वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ती प्राथमिकता को दर्शाती है।

पिछले वित्त वर्ष में 54130 किलो की बड़ी खरीदारी​Image Credit : Istock05 / 08

पिछले वित्त वर्ष में 54130 किलो की बड़ी खरीदारी​

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुल 54.13 टन (54130 किलो) सोना जोड़ा था। उस समय वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और बाजार की उतार-चढ़ाव के बीच सोने को एक भरोसेमंद निवेश विकल्प के रूप में देखा जा रहा था।

​वैश्विक अनिश्चितता से बढ़ी सोने की मांग​Image Credit : Istock06 / 08

​वैश्विक अनिश्चितता से बढ़ी सोने की मांग​

आरबीआई के बुलेटिन में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने सोने की कीमतों में तेजी लाई है। सुरक्षित निवेश की तलाश में केंद्रीय बैंक और निवेशकों द्वारा की जा रही निरंतर खरीदारी ने घरेलू बाजार में भी सोने के दाम ऊंचे बनाए रखे हैं।

​तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं कीमतें​Image Credit : Istock07 / 08

​तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं कीमतें​

वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में सोने की कीमतों ने मजबूत रुख बनाए रखा। सितंबर 2025 में यह कीमतें सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं, जो निवेशकों की बढ़ती रुचि और सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर झुकाव को दर्शाती हैं।

​लॉन्ग टर्म रणनीति के रूप में सोने में निवेश​Image Credit : Istock08 / 08

​लॉन्ग टर्म रणनीति के रूप में सोने में निवेश​

आरबीआई की लगातार खरीदारी से यह संकेत मिलता है कि सोने में निवेश केवल अल्पकालिक कदम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक रणनीतिक निर्णय है। यह नीति भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को विविधता देने और आर्थिक अनिश्चितता के समय स्थिरता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है।

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