इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक इस प्लेटफॉर्म का मुफ्त इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से लो-वैल्यू ट्रांजेक्शन के लिए शुल्क लिया जाएगा।
इस मामले पर UPI प्लेटफॉर्म GPay की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है और इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। टाइम्स नाउ नवभारत भी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
रिपोर्ट के अनुसार डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर शुल्क लागू होगा, जो लेनदेन मूल्य का 0.5% से 1% तक होगा। साथ ही जीएसटी भी लगेगा। गूगल पे ने ये फैसला तब लिया है जब गूगल पे 2023 में मोबाइल रिचार्ज के लिए 3 रुपये का सुविधा शुल्क शुरू कर चुका।
ईटी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक ग्राहक से उसके क्रेडिट कार्ड से बिजली बिल का भुगतान करने पर 15 रुपये ‘सुविधा शुल्क’ के रूप में वसूले गए।
इस शुल्क को “डेबिट और क्रेडिट कार्ड लेनदेन के लिए प्रोसेसिंग शुल्क” के रूप में वसूला गया और इसमें जीएसटी भी शामिल था। प्लेटफॉर्म शुल्क धीरे-धीरे सामान्य होता जा रहा है, क्योंकि कई फिनटेक कंपनियाँ लेन-देन की लागत ग्राहकों पर डालने की कोशिश कर रही हैं।