अब Google Pay नहीं रहेगा Free ! ये पेमेंट करने पर लगेगा चार्ज, वसूले जाएंगे 0.5-1%

अगर आप अब तक फ्री में गूगल-पे यूज करने की सुविधा का फायदा लेते आए हैं, तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल एक बड़ा कदम उठाते हुए, UPI प्लेटफॉर्म गूगल पे ने बिजली, गैस बिल भुगतान के लिए सुविधा शुल्क (Convenience Fee) शुरू किया है। साल 2023 में गूगल-पे ने मोबाइल रिचार्ज करने पर चार्ज शुरू किया था। गूगल पे के अलावा और भी कई अन्य प्लेटफॉर्म मोबाइल रिचार्ज पर चार्ज लेते हैं। इनमें फोनपे शामिल है। हालांकि अमेजन पे ने अभी तक मोबाइल रिचार्ज पर शुल्क नहीं शुरू किया है।

Authored by: काशिद हुसैन Updated Feb 20 2025, 11:56 IST
लो-वैल्यू ट्रांजेक्शनImage Credit : X/iStock01 / 05

लो-वैल्यू ट्रांजेक्शन

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक इस प्लेटफॉर्म का मुफ्त इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से लो-वैल्यू ट्रांजेक्शन के लिए शुल्क लिया जाएगा।

UPI प्लेटफॉर्म GPayImage Credit : X/iStock02 / 05

UPI प्लेटफॉर्म GPay

इस मामले पर UPI प्लेटफॉर्म GPay की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है और इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। टाइम्स नाउ नवभारत भी इसकी पुष्टि नहीं करता है।

0.5% से 1% तक चार्जImage Credit : X/iStock03 / 05

0.5% से 1% तक चार्ज

रिपोर्ट के अनुसार डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर शुल्क लागू होगा, जो लेनदेन मूल्य का 0.5% से 1% तक होगा। साथ ही जीएसटी भी लगेगा। गूगल पे ने ये फैसला तब लिया है जब गूगल पे 2023 में मोबाइल रिचार्ज के लिए 3 रुपये का सुविधा शुल्क शुरू कर चुका।

15 रुपये ‘सुविधा शुल्क’Image Credit : X/iStock04 / 05

15 रुपये ‘सुविधा शुल्क’

ईटी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक ग्राहक से उसके क्रेडिट कार्ड से बिजली बिल का भुगतान करने पर 15 रुपये ‘सुविधा शुल्क’ के रूप में वसूले गए।

लेन-देन की लागत ग्राहकों पर डालने की कोशिशImage Credit : X/iStock05 / 05

लेन-देन की लागत ग्राहकों पर डालने की कोशिश

इस शुल्क को “डेबिट और क्रेडिट कार्ड लेनदेन के लिए प्रोसेसिंग शुल्क” के रूप में वसूला गया और इसमें जीएसटी भी शामिल था। प्लेटफॉर्म शुल्क धीरे-धीरे सामान्य होता जा रहा है, क्योंकि कई फिनटेक कंपनियाँ लेन-देन की लागत ग्राहकों पर डालने की कोशिश कर रही हैं।

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