बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वह छोटी थीं तो खाने में बहुत ज्यादा समय लगाया करती थीं। बकौल कृति वो स्कूल से आने के बाद 2 घंटे तक लंच करती ही रहती थीं। वो एक घंटे में एक रोटी खाती थीं। कृति की इस आदत से उनकी मां को बहुत गुस्सा आता था। कृति ने ये भी बताया था कि, 'कई बार ऐसा हुआ जब एक घंटे बाद तक कटोरी में दाल वैसे ही पड़ी रहती। मां जब देखती तो गुस्से में पूरी दाल दीवार पर फेंक देतीं। फिर जब दीवार की तरफ देखतीं तो और मुझसे कहतीं कि अब जा, तू ही इसे साफ कर। '
हमारे आपके घर में भी ऐसा एक बच्चा जरूर होगा, जिसे खाना खिलाना किसी मिशन से कम नहीं लगता। ऐसे में का परेशान होना लाजमी है। लेकिन परेशान होने से कुछ नहीं होगा। दरअसल ये बहुत सामान्य है और बहुत से बच्चे ऐसा करते हैं। हालांकि इस आदत को छुड़ाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कुछ बच्चे इतना धीरे क्यों खाते हैं और कैसे उनकी ये आदत काफी हद तक छुड़ाई जा सकती है।
बच्चे धीरे-धीरे क्यों खाते हैं?
विशेषज्ञों की मानें तो इसके पीछे कई कारण होते हैं। छोटे बच्चों का ध्यान जल्दी भटक जाता है। खाने के दौरान खिलौने, टीवी, मोबाइल या आसपास का माहौल उनका फोकस तोड़ देता है। कुछ बच्चे हर निवाले को ज्यादा देर तक चबाते हैं, जबकि कुछ का पेट जल्दी भर जाता है, इसलिए वे खाने में समय लगाते हैं। कई बार बच्चे पर जबरदस्ती खाना खत्म करने का दबाव भी उसे खाने से दूर कर देता है। ऐसे में वह जानबूझकर खाने की रफ्तार धीमी कर सकता है।
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पेरेंट्स क्या करें?
सबसे पहले बच्चे के खाने का एक तय समय बनाएं। रोज एक ही समय पर खाना खिलाने से उसकी बॉडी क्लॉक डेवलप होती है। कोशिश करें कि पूरा परिवार साथ बैठकर खाए। बच्चे बड़ों को देखकर अच्छी आदतें जल्दी सीखते हैं।
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खाने के समय टीवी, मोबाइल और दूसरे गैजेट्स बंद रखें। बिना किसी स्क्रीन के बच्चा खाने पर ज्यादा ध्यान देता है। अगर बच्चा धीरे खा रहा है, तो उसे बार-बार डांटने से बचें। उसे समझाएं कि इतनी देर तक खाना खाने से दांत में कीड़े लग जाते हैं। कुछ इस तरह से फुसला कर भी आप उसकी आदत छुड़ा सकते हैं।
