What is Analogue Paneer Meaning in Hindi (एनालॉग पनीर मीनिंग, एनालॉग पनीर क्या होता है): भारत का नाम दुनिया के उन देशों में आता है जहां दूध को प्रॉसेस करके अपना चीज बनाया जाता है। हमारा पनीर पूरी दुनिया में इंडियन कॉटेज चीज के नाम से जाना जाता है। पनीर बनाने के लिए दूध को सिरके या छेने के पानी के फाड़ा जाता है। फिर उसे दबाकर उससे सारा पानी को बाहर निकाल लिया जाता है। इस पनीर की कीमत बाजार में करीब 500 रुपये है। लेकिन एक और पनीर आजकल मार्केट में खूब चल रहा है, इसे एनालॉग पनीर या सिंथेटिक पनीर कहते हैं। सिंथेटिक पनीर का बाजार आजकल इसलिए गर्म है क्योंकि इसकी कीमत दूध से बने पनीर से लगभग आधी है और यह देखने में बिल्कुल आम पनीर जैसा ही होता है।
कैसे बनता है एनालॉग पनीर
एनालॉग पनीर या सिंथेटिक पनीर को आम तौर पर दूध के बजाय वनस्पति तेल और स्टार्च जैसे चीजों से बनाया जाता है। इसे स्किम्ड दूध और वनस्पति तेल से भी बनाया जाता है, जिसमें दूध के फैट की जगह वनस्पति तेल का उपयोग किया जाता है।

real paneer vs fake paneer
कम कीमत से बढ़ी सेहत की टेंशन
रेस्टॉरेन्ट का बिजनेस करने वाले लोगों की यह पहली पसंद इसलिए बनती जा रही है, क्योंकि इसकी लागत बहुत कम है। जहां असली पनीर की कीमत लगभग ₹400-450 प्रति किलोग्राम है, वहीं एनालॉग पनीर की कीमत लगभग ₹200 प्रति किलोग्राम है। प्रॉफिट मार्जिन बहुत अधिक होने की वजह से दुकानदार इसका खुलासा भी नहीं करते।
क्या है इसका सेहत पर असर
शाकाहारी लोगों के लिए पनीर सबसे बड़ा प्रोटीन का सोर्स समझा जाता है और इसी नाते इसकी खपत भी खूब है, लेकिन एनालॉग पनीर में दूध वाले मौजूद पोषक तत्व मौजूद नहीं होते, इसलिए यह कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा कर सकता है। वनस्पति तेल और स्टार्च से बने एनालॉग पनीर में ट्रांस फैट होता है, जिसे सबसे खराब प्रकार का फैट माना जाता है। ये शरीर के कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। ट्रांस फैट का संबंध टाइप 2 डायबिटीज के खतरे से भी है। ऐसे में जरूरी है कि आप विश्वसनीय जगह से पनीर के आइटम खाएं।
