दुनिया

अमेरिका ने ईरान पर फिर बरसाए बम! IRGC के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले, होर्मुज में बढ़ा तनाव; तेल सप्लाई पर मंडराया संकट

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने IRGC से जुड़े ठिकानों पर नए हमले शुरू किए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव से वैश्विक तेल आपूर्ति और पश्चिम एशिया में संघर्ष के और फैलने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य टकराव का सबसे बड़ा केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है। यह इलाका वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

Image

us iran war

US-Iran Conflict: अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर संघर्ष की शुरुआत हो गई है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों पर नए हमले शुरू किए। बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके, मसान गांव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमले की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ये कार्रवाई ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर कथित हमले की कोशिशों के जवाब में की गई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना टकराव का केंद्र

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य टकराव का सबसे बड़ा केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है। यह इलाका वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिका का कहना है कि IRGC की गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी सैन्यकर्मियों को खतरा पैदा हुआ, जिसके बाद उसने कार्रवाई शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के दक्षिणी इलाकों में बंदर अब्बास, चाबहार और किश द्वीप समेत कुछ स्थानों पर धमाकों की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

एक महीने की शांति के बाद फिर शुरू हुआ सैन्य टकराव

ताजा हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच करीब एक महीने से प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई में ठहराव था। इससे पहले अमेरिका ने 30 अगस्त को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास लारक द्वीप पर ईरान के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था। अमेरिका के अनुसार, इन लॉन्चरों का इस्तेमाल समुद्री खदानें बिछाने की तैयारी में किया जा रहा था।

इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार अधिकांश मिसाइलों को रोक लिया गया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

तेल सप्लाई पर भी बढ़ा खतरा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ता सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल कारोबार होता है। क्षेत्र में जहाजों पर हमलों और समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने से तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इस बीच अमेरिका आर्थिक दबाव भी बढ़ा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान से जुड़े बैंकों और IRGC से संबद्ध संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना जताई है।

पलटवार के लिए तैयार अमेरिका

मध्य पूर्व में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिए गए हैं क्योंकि अमेरिकी सेना ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। ईरान कुछ ही घंटों में जवाबी कार्रवाई कर सकता है, और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डा ही एकमात्र निशाना नहीं हो सकता। क्षेत्र भर में फैले अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमला हो सकता है। हालिया तनाव के मद्देनजर जॉर्डन और ओमान के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article