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Garmi Shayari: गर्मी और बीवी दोनों एक जैसे हैं... चिलचिलाती गर्मी में अपनों को भेजें ये मजेदार शायरियां और कोट्स, देखें गर्मी की शायरी

Summer Shayari in Hindi: गर्मियों के दिन आ गए हैं और इस चिलचिलाती धूप से लोग काफी ज्यादा परेशान हो रहे हैं। इसी बीच में लोग एक-दूसरे को गर्मी की मजेदार शायरियां भी शेयर कर रहे हैं। अगर आपको भी अपने दोस्त, रिश्तेदार, पड़ोसियों को शायरी भेजनी है तो आप यहां से गर्मी की शायरी देख सकते हैं।

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गर्मी की शायरी (pc: canva)

Summer Shayari in Hindi: अप्रैल के महीने से गर्मी का मौसम शुरू हो जाता है और मई-जून में तो लू के साथ भीषण गर्मी पड़ती है। हालांकि, इस साल तो मार्च से ही सबकी हालत खराब है। गर्मी ने हर किसी का हाल बेहाल कर दिया है, क्योंकि सूरज जमकर आग बरसा रहा होता है। र्मी से लोगों को इतना बुरा हाल होता है कि लोग दिनभर में कई बार नहाते हैं। इसके अलावा गर्मी में लोग एक-दूसरे से जमकर मजे भी लेते हुए दिखते हैं। दरअसल लोग एक दूसरे को गर्मी की मजेदार शायरी भेजकर जमकर मजे लेते हैं। आज इसी को लेकर हम आपके साथ गर्मी को लेकर मजेदार शायरी कर रहे हैं, जिन्हें आप यहां से कॉपी करके भेज सकते हैं।

Garmi Ki Shayari In Hindi (हिंदी में गर्मी की शायरियां)-

1. गर्मी की ये जलन,

धूप का ये सितम,

कब खत्म होगा ये गर्मी का मौसम।

2. निकले थे हम भी मोहब्बत की तलाश में,

बाहर पारा इतना चढ़ा था कि,

ठंडा पीकर घर वापस लौट आए।

3. गर्मी में ठंडी हवाओं से मिलता है सुकून,

तुमसे बातें करने के लिए रहता है जुनून,

ज्यादा गर्मी का मौसम सहा नहीं जाता,

अब तुमसे दूर रहा भी नहीं जाता।

Summer Shayari in Hindi (गर्मी पर हिंदी में शायरी)-

4. न कुछ खाने को जी चाहता है,

न किसी के पास जाने का जी करता है,

न बाहर जाने की इच्छा होती है,

ऐसे मौसम में बस एसी चलाकर लेटना दिल चाहता है।

5. अब तो चमड़ी जलाने वाली गर्मी पड़ रही है बाहर,

मगर एक वो है जिसका दिल पिघलने का नाम ही नहीं ले रहा।

6. गर्मी का मौसम है,

होगी थोड़ी सी मस्ती थोड़ा सा प्यार,

अपने बिस्तर छत पर तुम भी कर लो तैयार,

गर्मी का मौसम बहुत-बहुत मुबारक हो मेरे यार।

7. लगता है सूरज की बीवी मई में मायके चली जाती होगी,

तभी तो जनाब के तेवर ही बदल जाते हैं।

Power Cut Shayari in Hindi (पावरकट शायरी इन हिंदी)-

8. नींद ना आए रातों को,

अब तो पंखे-कूलर सब फेल हुए,

गर्मी इतनी बढ़ गई,

घर में ही ऐसा लगे जैसे तिहाड़ जेल गए।

9. गर्मी और बीवी दोनों एक समान हैं,

जब इनका पारा चढ़ता है,

तो बड़े-बड़ों का पसीना छूट जाता है।

10. जब दिन की गर्मी सताती है तो रात की चांदनी शीतलता दे जाती है,

गर्मियों के मौसम में अक्सर इसी दरमियान तेरी याद आ जाती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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