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SIR पर महाराष्ट्र के CEO चोकलिंगम का ECI को पत्र, ECINET में बदलाव की मांग; ERO को मिले विवेकाधिकार

Maharashtra CEO Letter: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम ने निर्वाचन आयोग से ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर में बदलाव करने का अनुरोध किया है।

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महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम ने निर्वाचन आयोग से ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर में बदलाव करने का अनुरोध किया है, ताकि मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ERO) मतदाता सूची में गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकें। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने ’इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी खबर का जिक्र करते हुए बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी चोकलिंगम ने निर्वाचन आयोग को 24 सितंबर को भेजे पत्र में यह अनुरोध किया। अधिकारी के मुताबिक, 'सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अक्सर आयोग को अपने सुझाव भेजते रहते हैं और इसमें कोई नयी बात नहीं है।'

आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर कर दी

उन्होंने कहा, 'सॉफ्टवेयर हमेशा केंद्रीकृत होता है और वहीं से नोटिस भेजे जाते हैं। हमने अनुरोध किया था कि ईआरओ को किसी भी गड़बड़ी से जुड़े नोटिस पर फैसला लेने की शक्ति दी जाए।' निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर कर दी है।

'मतदाताओं को सुनवाई से छूट देने का अधिकार प्रदान किया जाए'

राज्य में 2.07 करोड़ मतदाताओं के गणना प्रपत्र या तो जमा नहीं हो पाए या फिर उन्हें अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि के तौर पर दर्ज किया गया।अधिकारी के मुताबिक, चोकलिंगम की ओर से भेजे गए पत्र में मतदाताओं के माता-पिता के नाम या उम्र संबंधी जानकारी का मिलान न होने जैसी 'तार्किक विसंगतियों' का जिक्र किया गया है और कहा गया है कि जब ईआरओ जमा किए गए दस्तावेजों से संतुष्ट हों, तो उन्हें मतदाताओं को सुनवाई से छूट देने का अधिकार प्रदान किया जाए।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

इस बीच, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने ईसीआईनेट प्रणाली के जरिये मतदाता की पात्रता तय करने की ईआरओ की कानूनी शक्तियों को कमजोर किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा, 'अगर कोई गड़बड़ी या विसंगति है, तो कौन मतदाता है और कौन नहीं, यह तय करने का कानूनी अधिकार ईआरओ के पास है।'उन्होंने आरोप लगाया कि महानिदेशक (IT) सीमा खन्ना और वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग समेत कई अधिकारियों की संलिप्तता से ईसीआईनेट प्रणाली के जरिये ये अधिकार वापस लिए जा रहे हैं। ईसीआईनेट निर्वाचन आयोग का एक एकीकृत डिजिटल मंच है, जिसका मकसद चुनाव प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और पारदर्शिता एवं सुलभता बढ़ाना है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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