चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने पलटवार किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाली संवैधानिक संस्था बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत की चुनावी व्यवस्था की दुनिया के कई देशों ने सराहना की है और उसका सम्मान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी को इस बात का दुख है कि उसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है और इसलिए अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय वह चुनाव आयोग को निशाना बना रही है।
‘गैर-BJP राज्यों में भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है कांग्रेस?’
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस से सवाल किया कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में, जहां बीजेपी की सरकारें नहीं हैं, क्या कांग्रेस का नेतृत्व वहां भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वह किन राज्यों में चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जता रही है और उसके आरोपों का आधार क्या है।‘डुप्लीकेट और मृत लोगों के नाम वोटर लिस्ट में क्यों रहें?’
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची में नामों को लेकर उठाए गए सवालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने 13 करोड़ 30 लाख नामों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग इस मुद्दे पर पहले ही स्पष्टीकरण दे चुका है। उन्होंने सवाल किया कि अगर मतदाता सूची में किसी मृत व्यक्ति का नाम दर्ज है या किसी व्यक्ति का नाम डुप्लीकेट है, तो कांग्रेस पार्टी ऐसे नामों को मतदाता सूची में बनाए रखने की मांग क्यों कर रही है?स्मृति ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग स्पष्ट कर चुका है कि एसआईआर के तहत जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनके घर बीएलओ जाएंगे, दस्तावेज एकत्र करेंगे और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
