जम्मू : जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों पर एक बार फिर से संदिग्ध लोगों की आहट मिली है। मंगलवार को सीमावर्ती जिलों राजौरी, पुंछ और कठुआ में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने करीब एक दर्जन स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के मुताबिक, पहाड़ी जिलों के दुर्गम और घने जंगलों वाले इलाकों में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चला रहे हैं।
इन इलाकों में सुरक्षा बलों की तलाश जारी
अधिकारियों ने बताया कि राजौरी जिले के कालाकोट इलाके के पीर खाना, पोथा नरोटा और अंध गांवों तथा सुंदरबनी इलाके के ठंडा पानी और कंसर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसी तरह कठुआ जिले के पंजवारी, कठेरा और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बलों की तलाश जारी है।
वहीं, पुंछ के मेंढर सेक्टर के अपर कसबलारी, थेराटोपा, नागल गली, कलाबन और पतनतीर इलाकों में भी सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन इलाकों में संदिग्ध लोगों की आवाजाही की सूचना मिलने के बाद अभियान चलाया जा रहा है और सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में तलाशी ले रहे हैं।
साथी जवान की गोली से चार जवानों की मौत
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार को एक सीआईएसएफ जवान द्वारा की गई गोलीबारी की घटना में बल के सहायक कमांडेंट समेत चार कर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के ये कर्मी हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे बसोहली के मशका गांव स्थित सेवा-तृतीय बिजली परियोजना की सुरक्षा में तैनात थे। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे को लेकर दो जवानों के बीच बहस हुई, जिसके बाद उनमें से एक ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस घटना में चार कर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं और इस संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
