लाइफस्टाइल

ओट्स vs मूसली: दोनों में क्या है फर्क, सुबह नाश्ते में किसे खाना ज्यादा बेस्ट ऑप्शन

Oats Vs Muesli For Breakfast In Hindi: सुबह के नाश्ते में ओट्स और मूसली दोनों ही हेल्दी माने जाते हैं, लेकिन अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि इन दोनों में असली फर्क क्या है। किसमें ज्यादा फाइबर है, किससे पेट ज्यादा देर तक भरा रहता है और वजन कंट्रोल करने के लिए कौन बेहतर है? चलिए आज जानते हैं ओट्स और मूसली में क्या फर्क है, इनके फायदे और यह भी कि आपकी हेल्थ के हिसाब से सुबह नाश्ते में कौन सा विकल्प ज्यादा सही हो सकता है।

Image

नाश्ते के लिए ओट्स ज्यादा बेहतर है या मूसली (PC- ai)

Oats Vs Muesli For Breakfast In Hindi: आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल की बात हो तो सुबह के नाश्ते में ओट्स और मूसली का नाम सबसे पहले आता है। कई लोग वजन कम करने के लिए ओट्स खाते हैं, तो कुछ लोग मूसली को ज्यादा पौष्टिक मानकर अपने ब्रेकफास्ट में शामिल करते हैं। पहली नजर में दोनों लगभग एक जैसे लगते हैं, लेकिन असल में इनकी बनावट, पोषण और शरीर पर असर थोड़ा अलग होता है। यही वजह है कि लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि सुबह के नाश्ते में क्या खाया जाए। अगर आप भी इस दुविधा में रहते हैं, तो पहले ओट्स और मूसली के बीच का फर्क समझ लेना जरूरी है। इससे आपको अपनी सेहत और जरूरत के हिसाब से सही ब्रेकफास्ट चुनने में आसानी होगी।

ओट्स क्या होते हैं और क्यों माने जाते हैं हेल्दी

ओट्स एक तरह का साबुत अनाज है जिसे हेल्दी ब्रेकफास्ट के तौर पर काफी लोकप्रिय माना जाता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन और मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। खास बात यह है कि ओट्स में बीटा-ग्लूकन नाम का घुलनशील फाइबर होता है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

ओट्स धीरे-धीरे पचते हैं, इसलिए इन्हें खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती। यही कारण है कि वजन कंट्रोल करने वाले लोग इसे अपने नाश्ते में शामिल करना पसंद करते हैं। साथ ही यह ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से भी रोकने में मदद कर सकता है।

मूसली क्या होती है और इसमें क्या-क्या शामिल होता है

मूसली दरअसल कई चीजों का एक मिश्रण होता है। इसमें आमतौर पर रोल्ड ओट्स के साथ नट्स, बीज, सूखे मेवे और कभी-कभी सूखे फलों के टुकड़े भी मिलाए जाते हैं। इसी वजह से मूसली को पोषण से भरपूर ब्रेकफास्ट माना जाता है।

मूसली में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट का अच्छा संतुलन मिल सकता है। इसे अक्सर दूध या दही के साथ खाया जाता है और कई लोग इसमें ताजे फल भी मिला लेते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ पाचन को बेहतर रखने में भी मदद कर सकता है।

ओट्स और मूसली के पोषण में क्या अंतर है

अगर पोषण के नजरिए से देखें तो दोनों ही अच्छे विकल्प हैं, लेकिन उनकी न्यूट्रिशन प्रोफाइल थोड़ी अलग होती है। सादा ओट्स में आमतौर पर फाइबर ज्यादा और शुगर कम होती है। इसी वजह से इसे ज्यादा संतुलित और हल्का ब्रेकफास्ट माना जाता है। वहीं मूसली में नट्स और सूखे फलों की वजह से कुछ ज्यादा कैलोरी और फैट हो सकता है। हालांकि यही चीज इसे स्वाद और पोषण दोनों के मामले में थोड़ा समृद्ध भी बनाती है। यानी मूसली में कई तरह के पोषक तत्व एक साथ मिल जाते हैं।

सुबह नाश्ते में किसे खाना ज्यादा बेहतर

अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है या आप ऐसा नाश्ता चाहते हैं जो पेट को ज्यादा देर तक भरा रखे, तो सादा ओट्स बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें फाइबर ज्यादा और कैलोरी अपेक्षाकृत कम होती है। वहीं अगर आप ऐसा नाश्ता चाहते हैं जो स्वादिष्ट भी हो और शरीर को कई तरह के पोषक तत्व भी दे, तो मूसली भी अच्छा विकल्प बन सकती है। बस ध्यान रखने वाली बात यह है कि बाजार में मिलने वाली कुछ मूसली में अतिरिक्त चीनी या फ्लेवर मिलाए जाते हैं, इसलिए पैक्ड प्रोडक्ट चुनते समय लेबल जरूर पढ़ें।

आपकी जरूरत तय करेगी सही विकल्प

सीधी बात यह है कि ओट्स और मूसली दोनों ही हेल्दी ब्रेकफास्ट हो सकते हैं। फर्क सिर्फ आपकी लाइफस्टाइल और हेल्थ गोल का है। अगर आप हल्का, कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर वाला नाश्ता चाहते हैं तो ओट्स अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं अगर आपको थोड़ा ज्यादा एनर्जी देने वाला और पोषण से भरपूर ब्रेकफास्ट चाहिए तो मूसली भी सही चुनाव हो सकती है।

सबसे अच्छा तरीका यह है कि इन्हें संतुलित मात्रा में खाया जाए और साथ में फल, दूध या दही जैसे हेल्दी विकल्प भी शामिल किए जाएं। इससे आपका नाश्ता न सिर्फ स्वादिष्ट रहेगा, बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता रहेगा।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

और पढ़ें
End of Article