लाइफस्टाइल

NEET 2026 Re-Exam: अगली तारीख पर पेपर के लिए बच्चे कैसे हों तैयार, पेरेंट्स कैसे करें मदद, किस तरह करें रुटीन सेट

NEET 2026 Re-Exam: पेपर लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन री एग्जाम को 'दूसरा मौका' मानकर चलें। जिन छात्रों का पहला प्रयास उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, उनके पास अपनी गलतियों को सुधारने का यह अच्छा मौका है।

Image

Neet 2026 Re Exam के लिए खुद को कैसे तैयार करें छात्र, पेरेंट्स का रोल होगा अहम (AI Image)

NEET 2026 का पेपर लीक होने के बाद दोबारा परीक्षा करवाई जा रही है। 21 जून को NEET की दोबारा परीक्षा होगी। पेपर लीक (NEET 2026 Paper Leak) के बाद इस परीक्षा में शामिल लाखों छात्र ना सिर्फ आक्रोशित थे, बल्कि काफी निराश भी हुए। दरअसल इस परीक्षा के लिए बच्चे महीनों नहीं, कई सालों से मेहनत कर रहे थे। सालों की कड़ी मेहनत के बाद जब ऐसी स्थिति आती है, तो यह बच्चों के लिए किसी मनोवैज्ञानिक आघात से कम नहीं होता। इसी आघात का नतीजा था कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में एक छात्र ने नीट पेपर लीक के बाद सुसाइड कर लिया। इस घटना ने सबतो झकझोर कर रख दिया।

नोएडा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की डॉ. नीति सिंह (क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट) कहती हैं कि यह एक अन एक्सपेक्टेड सिचुएशन है। एग्जाम का सट्रेस अलग होता है। लेकिन एग्जाम के बाद पेपर का लीक हो जाना बच्चों को स्ट्रेस से आगे की स्टेज पर ले जाता है। ऐसी सिचुएशन बच्चों के अंदर इनसिक्योरिटी और अनसर्टेनिटी की भावना से बनती है। उनके अंदर डर बैठ जाता है कि कहीं फिर से एगाजम दें और फिर से सिस्टम अनफेयर ना हो जाए।

अब जब दोबारा परीक्षा की घोषणा हुई है तो, इस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को न केवल किताबों से बल्कि अपनी मानसिक स्थिति से भी जूझना पड़ रहा है। ऐसी घटनाएं छात्रों के आत्मविश्वास को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। लंबे समय तक तैयारी करने के बाद जब परीक्षा दोबारा देनी पड़े, तो दिमाग में सबसे पहले यही सवाल आता है- क्या फिर से सब कुछ शुरू करना होगा? यही सोच बच्चों में एंग्जायटी, ओवरथिंकिंग और डिप्रेशन को बढ़ा सकती है। कई विशेषज्ञ इसे इमोशनल बर्नआउट जैसी स्थिति बताते हैं।

हालांकि कुछ तरीके हैं जिसे अपनाकर छात्र ऐसी किसी भी स्थिति से उबर सकते हैं। इसके लिए ना सिर्फ बच्चों को बल्कि उनके पेरेंट्स को भी अपने व्यवहार में कुछ बातों को शामिल करना होगा:

क्या करें पेरेंट्स

डॉ. नीति सिंह मानती हैं कि ऐसे समय में सबसे बड़ी भूमिका माता-पिता की होती है। वह पेरेंट्स से गुजारिश करती हैं कि ऐसे समय में बच्चों का इमोशनल सपोर्ट बनें। उन्हें अकेला बिल्कुल ना छोड़ें। हमें उनको सुनना है। जो भी उनका स्ट्रेस है उसे सुनें। उसपर सवाल ना करें। उनसे कहें कि आपका तनाव वाजिब है। उन्हें बताएं कि आपने अपनी पूरी कोशिश की। आप अकेले नहीं हैं। लाखों बच्चों के साथ ऐसा हुआ है। कोई बात नहीं आप आगे बढ़ें। उन्हें समझाएं कि आपने जो हार्डवर्क किया था वो बेकार नहीं जाएगा।

डॉ. नमृता गुप्ता दिल्ली के विमहन्स हॉस्पिटल की सीनियर क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और साइकोथेरपिस्टट हैं। वह अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस से भी लोगों को परामर्श देती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के सामने ये सिचुएशन बहुत घातक होती है। उनके मुताबिक पेरेंट्स को यह समझना होगा कि इस वक्त बच्चे केवल पढ़ाई के दबाव में नहीं हैं, बल्कि वे भावनात्मक रूप से भी टूटे हुए महसूस कर सकते हैं। ऐसे में बार-बार बच्चों पर और ज्यादा पढ़ाई करने का दबाव देने से बचना चाहिए। बच्चों को यह कहने की जगह कि सबके साथ ऐसा होता है, उन्हें मोटिवेट करें। उन्हें समझाएं कि उसकी तैयारी तो पहले से ही है। दोबारा परीक्षा को एक और मौके की तरह देखे। अपना बेस्ट देने की कोशिश करे। इसके साथ ही बच्चों को यह भरोसा देना भी जरूरी है कि एक परीक्षा उनकी पूरी जिंदगी तय नहीं करती। चाहे कुछ भी हो हम हमेशा तुम्हारे साथ हैं।

डॉ नमृता यह भी सलाह देती हैं कि दोबारा परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले बच्चों को कुछ दिनों का ब्रेक देना चाहिए। परिवार का शांत माहौल, पर्याप्त नींद और इमोशनल सपोर्ट इस समय सबसे ज्यादा जरूरी है।

पेरेंट्स इन बातों का रखें ध्यान और बच्चों का दें साथ

पेरेंट्स इन बातों का रखें ध्यान और बच्चों का दें साथ

NEET 2026 Re-Exam के लिए खुद को कैसे तैयार करें छात्र

डॉ. नीता की छात्रों को सलाह है कि ऐसे समय में उन्हें कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखना है। सबसे पहले, पुराने पेपर लीक विवाद या सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों में खुद को ज्यादा न उलझाएं। लगातार नकारात्मक खबरें देखने से डर और गुस्सा दोनों बढ़ते हैं। ऐसे लोगों से दूरी बना लें जो नेगेटिव बातें करते हों। अपनी पुरानी तैयारी पर भरोसा रखें। परीक्षा दोबारा हो रही है, लेकिन आपकी मेहनत खत्म नहीं हुई है। बेसिक्स मजबूत हैं तो दोबारा तैयारी करना आसान होगा।

वहीं, डॉ. नमृता कहती हैं कि पेपर लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनकी सालों की मेहनत, समय और पैसे बर्बाद हो जाते हैं। लेकिन री एग्जाम को बच्चे एक 'दूसरा मौका' मानकर चलें। जिन छात्रों का पहला प्रयास उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, उनके पास अपनी गलतियों को सुधारने का यह सुनहरा अवसर है। ये कभी ना भूलें कि आपकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। वह सिर्फ सही समय की प्रतीक्षा करती है।

दोबारा परीक्षा में बैठने वाले छात्र इन बातों का जरूर रखें ध्यान

दोबारा परीक्षा में बैठने वाले छात्र इन बातों का जरूर रखें ध्यान

केंद्रीय विद्यालय के पीजीट टीचर आलोक सिंह ने हमसे बाते करते हुए बच्चों को सलाह दी कि, "परीक्षा के लिए नींव पहले से तैयार है, इसलिए अब केवल फिनिशिंग टच की जरूरत है। नया टाइमटेबल बनाएं। कमजोर कड़ियों पर वार करें। पिछली परीक्षा में जो प्रश्न कठिन लगे थे, उन विषयों को अब अच्छे से समझने का समय है। थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिस पर जोर दें।"

हमने जितने भी मनोवैज्ञानिकों से बात की सबने छात्रों को यही सलाह दी है कि अपने स्वास्थ्य का भी खास ध्यान रखें। अच्छी नींद और संतुलित आहार लें। योग और मेडिटेशन करें। इस बात का ध्यान रखें कि मस्तिष्क तभी सक्रिय रहेगा जब शरीर स्वस्थ होगा।

टेली मानस हेल्पलाइन नंबर की लें मदद

नोएडा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की डॉ. नीति सिंह का मानना है कि हर बच्चे के पास टेली मानस हेल्पलाइन नंबर होना चाहिए। छात्र किसी भी तरह के तनाव की स्थिति में यहां से निशुल्क फर्स्ट एड काउंसलिंग ले सकते हैं। बच्चे कई तरह के कारणों से मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट के पास नहीं जा पाते। ऐसे में ये टेली मानस टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1-800-891-4416 उनके बहुत काम आ सकती है।

एग्जाम को ना समझें जीवन

अंत में यही कहेंगे कि NEET जैसी कठिन परीक्षा के लिए दोबारा तैयार होना किसी तपस्या से कम नहीं है। यह समय धैर्य और मानसिक दृढ़ता का है। अभिभावकों का अटूट विश्वास और छात्रों का संयम ही इस संकट की घड़ी में उन्हें सफलता का स्वाद चखाएगा। अपनी एकाग्रता बनाए रखें और याद रखें कि यह केवल एक परीक्षा है, आपके जीवन की अंतिम कसौटी नहीं। खुद को मजबूत और प्रेरित रखें। परीक्षाएं आती जाती रहेंगी, लेकिन मानसिक मजबूती आपके हमेशा काम आएगी।

Suneet Singh
सुनीत सिंह author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

End of Article