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Maa Shayari: मां के लिए दो लाइन शायरी क्या है, यहां देखें मां पर शायरी, मां पर 20 खूबसूरत शेर

Shayari for mother love (मां के लिए 2 लाइन शायरी क्या है): मदर्स डे (Mothers Day 2026) के मौके पर आइए पढ़ते हैं दिल को छू लेने वाले मां पर लिखे चंद बेहद खूबसूरत शेर। यहां देखें मां पर शायरी हिंदी (Maa Shayari in Hindi) में:

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मां पर शायरी

Maa Shayari in Hindi: दुनिया के हर रिश्ते में कोई न कोई शर्त छिपी हो सकती है, लेकिन मां का प्यार हमेशा निस्वार्थ होता है। मां का आंचल वह छांव है, जहां जिंदगी की हर थकान मिट जाती है। उसकी दुआओं में इतनी ताकत होती है कि टूटता हुआ इंसान भी फिर से संभल जाता है। मां का हाथ सिर पर हो तो मुश्किल रास्ते भी आसान लगने लगते हैं। शायद यही वजह है कि जब भी किसी शायर ने मां पर लिखा, उसके अल्फाज सीधे दिल तक पहुंचे। मां पर लिखे शेर लोगों को इसलिए भी पसंद आते हैं क्योंकि उनमें हर इंसान अपनी जिंदगी की झलक देखता है।

मां के लिए दो लाइन शायरी क्या है | Maa ke liye shayari 2 line

मदर्स डे के मौके पर आइए पढ़ते हैं मां पर लिखे चंद बेहद खूबसूरत शेर। यहां देखें मां पर शायरी हिंदी में:

1. अभी ज़िंदा है मां मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा

मैं घर से जब निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है

- मुनव्वर राना

2. इस लिए चल न सका कोई भी ख़ंजर मुझ पर

मेरी शह-रग पे मिरी मां की दुआ रक्खी थी

- नज़ीर बाक़री

3. मां ने लिखा है ख़त में जहाँ जाओ ख़ुश रहो

मुझ को भले न याद करो घर न भूलना

- अजमल अजमली

4. एक लड़का शहर की रौनक़ में सब कुछ भूल जाए

एक बुढ़िया रोज़ चौखट पर दिया रौशन करे

- इरफ़ान सिद्दीक़ी

5. इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है

मां बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है

- मुनव्वर राना

6. बहन की इल्तिजा मां की मोहब्बत साथ चलती है

वफ़ा-ए-दोस्ताँ बहर-ए-मशक़्कत साथ चलती है

-सय्यद ज़मीर जाफ़री

7. रौशनी भी नहीं हवा भी नहीं

मां का नेमुल-बदल ख़ुदा भी नहीं

- अंजुम सलीमी

8. दुआ को हात उठाते हुए लरज़ता हूँ

कभी दुआ नहीं मांगी थी मां के होते हुए

- इफ़्तिख़ार आरिफ़

9. किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आई

मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में मां आई

- मुनव्वर राना

10. मां मुझे देख के नाराज़ न हो जाए कहीं

सर पे आँचल नहीं होता है तो डर होता है

- अंजुम रहबर

11. शायद यूंही सिमट सकें घर की ज़रूरतें

'तनवीर' मां के हाथ में अपनी कमाई दे

- तनवीर सिप्रा

12. मां ख़्वाब में आ कर ये बता जाती है हर रोज़

बोसीदा सी ओढ़ी हुई इस शाल में हम हैं

- मुनव्वर राना

13. सामने मां के जो होता हूँ तो अल्लाह अल्लाह

मुझ को महसूस ये होता है कि बच्चा हूँ अभी

- महफूजुर्रहमान आदिल

14. भूके बच्चों की तसल्ली के लिए

मां ने फिर पानी पकाया देर तक

- नवाज़ देवबंदी

15. बोसे बीवी के हँसी बच्चों की आँखें मां की

क़ैद-ख़ाने में गिरफ़्तार समझिए हम को

- फ़ुज़ैल जाफ़री

16. घर से निकले हुए बेटों का मुक़द्दर मालूम

मां के क़दमों में भी जन्नत नहीं मिलने वाली

- इफ़्तिख़ार आरिफ़

17. अब इक रूमाल मेरे साथ का है

जो मेरी वालिदा के हाथ का है

- सय्यद ज़मीर जाफ़री

18. शाम ढले इक वीरानी सी साथ मिरे घर जाती है

मुझ से पूछो उस की हालत जिस की मां मर जाती है

- अज्ञात

19. मैं ने मां का लिबास जब पहना

मुझ को तितली ने अपने रंग दिए

- फ़ातिमा हसन

20. जब भी कश्ती मिरी सैलाब में आ जाती है

मां दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है

- मुनव्वर राना

मां पर लिखे इन खूबसूरत शेरों से आप मदर्स डे पर अपनी मम्मी को स्पेशल फील करा सकते हैं। अगर आपको ये शेर पसंद आए हों तो आप इन्हें सोशल मीडिया के जरिये भी शेयर कर सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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