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500 साल से राजस्थान की शान है ये रोटी, हर एक निवाले में मिलता है जन्नत सा स्वाद, फटाफट नोट कर लें Recipe

Rajasthani Khoba Roti Recipe: राजस्थान में कई तरह की रोटियां मिलती हैं, लेकिन खोबा रोटी की बात ही अलग है। इस रोटी को चुटकी रोटी भी कहते हैं। इसे बनाना इतना आसान तो नहीं है, लेकिन आप यहां दी गई रेसिपी की मदद से इसे बड़ी आसानी से घर पर ही बना सकते हैं।

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easy rajasthani khoba roti recipe in hindi

Rajasthani Khoba Roti Recipe/ Chutki Roti Recipe: अपने देश के हर कोने में अलग-अलग के पकवान मिलते हैं। बात करें राजस्थान की तो यहां की जितनी दाल बाटी मशहूर है, उतनी ही खोबा रोटी भी। खोबा रोटी को चुटकी, कोभा, रोथ और जड़ी रोटी भी कहते हैं। ये राजस्थान में काफी ज्यादा मशहूर है। ये काफी कुरकुरी और स्वादिष्ट होती है। ये रोटी पिछले 500 सालों से राजस्थान की शान बनी हुई है। यहां से आप इस रोटी को बनाने का तरीका जान सकते हैं। खोबा रोटी वैसे तो घर पर जल्दी बन नहीं पाती है, लेकिन अगर आप इस रेसिपी को फॉलो करते हैं तो बड़ी आसानी से इसे घर पर ही बना सकते हैं।

खोबा रोटी बनाने की सामग्री-

how to make chutki roti at home

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  • गेंहू का आटा
  • नमक
  • अजवायन या सौंफ
  • घी
  • हल्दी
  • पानी

खोबा रोटी बनाने की विधि-

राजस्थानी खोबा रोटी बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में गेंहू के आटे में नमक मिलाएं। अब इस आटे में सौंफ और अजवायन मिलाएं। अब 2 चम्मच घी डालकर और फिर धीरे-धीरे पानी डालकर इसे गूथें। इस आटे को थोड़ा टाइट ही गूथें। फिर इसे थोड़ी देर ढककर रख दें। अब इसे आटे की बड़ी-बड़ी लोइयां तोड़ दें। अब इन लोइयों की मोटी रोटी बेलें। तवा गर्म करके अब आपको इसे धीमी आंच पर सेंकना है। अब जब ये थोड़ी पक जाए तो दो उंगलियों की मदद से रोटी पर चुटकी जैसा डिजाइन बना दें। अब आपको इस रोटी की पलट लेना है और दोनों ही तरफ अच्छे से सेंक लेना है। जब रोटी पक जाए तो इसमें घी लगाकर गर्मागरम परोसें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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