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Fareb Par Shayari: ऐ मुझ को फ़रेब देने वाले, मैं तुझ पे यक़ीन कर चुका हूं.., पढ़ें इश्क में फरेब पर 10 मशहूर शेर

Fareb Par Shayari in Hindi: इश्क में फरेब से बिखरा इंसान भले टूट कर संभल जाए लेकिन ये तो हो जाता है कि फिर वह कभी भी किसी पर भी आंख मूंद कर विश्वास करना छोड़ देता है। इसी इश्क में फरेब पर कई शायरों ने एक से बढ़कर एक नज्म लिखी है।

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इश्क में फरेब पर शायरी हिंदी में

Fareb Shayari in Hindi: इंसान इश्क करता है। यह उसकी फितरत है। किसी का इश्क मुकम्मल होता है तो किसी के हिस्से इश्क में फरेब आता है। फरेब यानि विश्वासघात। कहने को तो यह एक शब्द मात्र है लेकिन इसका असर बहुत अंदर तक नजर आता है। यह इंसाव को भावनात्मक तौर पर तोड़ कर रख देता है। इश्क में फरेब से बिखरा इंसान भले टूट कर संभल जाए लेकिन ये तो हो जाता है कि फिर वह कभी भी किसी पर भी आंख मूंद कर विश्वास करना छोड़ देता है। इसी इश्क में फरेब पर कई शायरों ने एक से बढ़कर एक नज्म लिखी है। आइए पढ़ते हैं इश्क में फरेब पर कुछ चुनिंदा शेर:

1. आशिक़ हूं प माशूक़-फ़रेबी है मिरा काम

मजनूं को बुरा कहती है लैला मिरे आगे

- मिर्ज़ा ग़ालिब

2. आदमी जान के खाता है मोहब्बत में फ़रेब

ख़ुद-फ़रेबी ही मोहब्बत का सिला हो जैसे

- इक़बाल अज़ीम

3. बच्चे फ़रेब खा के चटाई पे सो गए

इक मां उबालती रही पथर तमाम रात

- अब्दुल माजिद नश्तर जबलपुरी

4. ऐ मुझ को फ़रेब देने वाले

मैं तुझ पे यक़ीन कर चुका हूं

- अतहर नफ़ीस

5. हर दिल-फ़रेब चीज़ नज़र का ग़ुबार है

आंखें हसीन हों तो ख़िज़ां भी बहार है

- अब्दुल हमीद अदम

6. रंग ही से फ़रेब खाते रहें

ख़ुशबुएं आज़माना भूल गए

- अंजुम लुधियानवी

7. जिन का मक़्सद फ़रेब होता है

वो बड़ी सादगी से मिलते हैं

- चमन लाल चमन

8. ढूंढ़ता फिरता है मुझ को क्यूं फ़रेब-ए-रंग-ओ-बू

मैं वहां हूं ख़ुद जहां अपना पता मिलता नहीं

- अब्दुल्लतीफ़ शौक़

9. दूसरों को फ़रेब दे दे कर

हम ने ख़ुद भी फ़रेब खाया है

- ज़की काकोरवी

10. शौक़ कितने फ़रेब देता है

मुस्कुरा कर हमारा नाम न ले

- निसार इटावी

बता दें कि फरेब एक अस्थायी लाभ तो दे सकता है, लेकिन यह लंबे समय में नुकसान ही पहुंचाता है। सच्चाई और ईमानदारी ही वह रास्ता है, जो रिश्तों और समाज को मजबूत बनाता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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