International Mountain day: हर साल 11 दिसंबर को इंटरनेशनल माउंटेन डे मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने पर्वतीय क्षेत्रों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें संरक्षित रखने के लिए साल 2003 में इसकी घोषणा की थी। पहाड़, पृथ्वी पर पाए जाने वाले पशु-पक्षियों और पौधों की एक चौथाई आबादी का घर है। ये दुनिया की आधी आबादी को मीठे पानी के साथ-साथ भोजन भी प्रदान करते हैं। पहाड़ों की बात करते ही मन में हॉलिडे का ख्याल आता है। पहाड़ी इलाकों में दूर-दूर तक फैली मनोरम वादियों में सुकून से कुछ दिन गुजारने का ख्याल ही मन को उत्साह से भर देता है। मन, शरीर और आत्मा को खुश करने के लिए हॉलिडे प्लान सबसे अच्छी दवा मानी जाती है।
हाल ही में अमेरिका में हुए एक वन पोल सर्वे में चौकाने वाली बातें सामने आई हैं। सर्वे के अनुसार 77 प्रतिशत अमेरिकियों ने माना कि हॉलिडे पर जाने से पार्टनर्स का खोया हुआ प्यार और अपनापन लौट आता है। इतना ही नहीं 42 प्रतिशत लोगों ने बोला कि हॉलिडे पर बिताए दिनों के कारण वे अपने लाइफ पार्टनर से फिर से प्यार करने लगे हैं, जो कहीं न कहीं कम हो गया था। 81 प्रतिशत लोगों ने कहा कि फैमिली हॉलिडे से मेंबर्स में लगाव बढ़ता है। वहीं 79 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इससे रिश्ते मजबूत होते हैं।
ग्लोबल कमीशन ऑन एजिंग एंड ट्रांसअमेरिका सेंटर फॉर रिटायरमेंट स्टडी और यूएस ट्रैवल एसोसिएशन की एक स्टडी के अनुसार हॉलिडे लोगों की सेहत पर पॉजिटिव असर डालती है। इससे तनाव, डिप्रेशन जैसी परेशानियों में भी कमी आती है। नियमित रूप से परिजनों और दोस्तों के साथ हॉलिडे न सिर्फ जिंदगी के साल और जीने का उत्साह बढ़ा देती बल्कि मेंटल हेल्थ के लिए भी बेहतर साबित होती हैं। आइए जानते हैं हॉलिडे के फायदों के बारे में.....
रिलेशनशिप होती है स्ट्रॉन्ग
हाॅलिडे पर साथ अच्छा वक्त गुजारने से संबंध मजबूत हो जाते हैं। टूरिज्म सर्वे ऑन इंडियन ट्रैवलर्स के एक सर्वे के अनुसार 42 फीसदी भारतीय मानते हैं कि हाॅलिडे परिजनों से निकटता और समझ को बेहतर बना देता है। सर्वे के अनुसार आधे से ज्यादा भारतीय ट्रैवलर्स हाॅलिडे को रोजमर्रा की जिंदगी में फिर से उत्साह का संचार करने का माध्यम मानते हैं।
बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
अलग-अलग जगहों पर गुजारी छुट्टियों से शरीर मजबूत बनता है। हमारा शरीर विभिन्न जीवाणुओं के अनुकूल बनता चला जाता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है और आप सामान्य बीमारियों के प्रति कम संवेदनशील होते चले जाते हैं।
तनाव होता है उड़नछू
मौसम, पर्यावरण, दिनचर्या और परिवेश में बदलाव से हमारे दिमाग और मन पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। घूमने फिरने से आप रिलैक्स महसूस करते हैं, कम स्ट्रेस में रहते हैं और मूड भी बेहद खुशमिजाज रहता है। यात्रा हमारे शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।
