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तारों से बातें! जानें क्या होता है Astro-Tourism, देश में कहां एंजॉय कर सकते हैं

  • Authored by: मेधा चावला
  • Updated Dec 5, 2022, 03:38 PM IST

What is Astro-Tourism: अगर आपको भी चांद और तारे देखना पसंद है तो आप भी एस्ट्रो टूरिज्म का हिस्सा बन सकते हैं। देश के इन हिस्सों में जाकर आप खूबसूरत आसमान को ताक सकते हैं जो एक अलग ही दुनिया की सैर कराएगा। जानें एस्ट्रो टूरिज्म के बारे में विस्तार से और देश में कहां कर सकते हैं आप इसे एंजॉय।

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तारों से बातें! जानें क्या होता है Astro-Tourism, देश में कहां एंजॉय कर सकते हैं

What is Astro-Tourism: खुले आसमान के नीचे बैठकर तारे देखना किसे पसंद नहीं होता? अपने पार्टनर के साथ, परिवार के साथ या फिर दोस्तों के साथ काले घने आकाश में टिमटिमाते सितारों को एकटक देखना हमेशा ही बेहद अच्छा अनुभव होता है। अब आपसे कोई कहे कि, ये भी किसी टूरिज्म का हिस्सा है, तो आप अवश्य ही बहुत से सवालों में उलझ जाएंगे।

लेकिन बता दें कि आर्टिफिशियल लाइट, प्रदूषण और शोर से दूर तारे देखने का लुत्फ उठाना अब एस्ट्रो टूरिज्म ( Astro-Tourism) कहलाता है। ट्रेवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत के घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के बीच इस तरह का टूरिज्म बहुत तेजी पकड़ रहा है जिसमें सितारे देखना, सूरज की ऑब्सेर्वशन्स, दोस्तों के साथ स्टार्गेजिंग पार्टीज, साइंस के एक्सपेरिमेंटल एक्टिविटीज और भी बहुत सी चीजें शामिल हैं।

Astro Tourism in Hindi

संसार की खूबसूरती को करीब तथा और अच्छे से अनुभव करने के लिए इस तरह के टूरिज्म में उछाल आया है। क्योंकि आज के दौर में प्रदूषण की मात्रा इतनी बढ़ चुकी है कि, घरों से साफ आसमान और तारे देखना बेहद मुश्किल है। इसलिए एस्ट्रो टूरिज्म के अंतर्गत ऐसी कई टूरिस्ट लोकेशनंस बनाई गई है, जहां से आप यूनिवर्स और प्रकृति की एहसास कर सकें।

Why Astro Tourism is popular

स्टारस्केप्स के सीईओ और को फाउंडर पॉल सेवियो का मानना है कि, भारत में इस तरह की चीजों का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसके पीछे ये वजहें हैं –

  • लोगों के पास डिस्पोजेबल इनकम ज्यादा है, और हर कोई इस बात की उम्मीद करता है कि वे हैपनिंग लाइफ जीएं। लोग नए और एक्साइटिंग एक्सपीरियंसेस लेने को खूब उत्सुक हैं। इसलिए एकदम से हर कोई हर चीज करने की इच्छा और क्षमता दोनों रख रहा है।
  • न्यू एज के मां-बाप अपने बच्चों को सिर्फ डॉक्टर-वकील बनते नहीं देखना चाहते। इस तरह की नई और ज्ञान बढ़ाने वाली एक्टिविटीज का हिस्सा बनकर। पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए एरोस्पेस इंजीनियर, एस्ट्रोफिजिसिस्ट्स, एस्ट्रोनॉट्स बनने समेत इस क्षेत्र से जुड़े कई और करियर ऑप्शंस की ओर रुख कर रहे हैं।
  • स्पेस से जुड़ी खबरें इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। बात नासा की हो, इसरो की या स्पेसएक्स की, अंतरिक्ष में जिंदगी तलाशने से लेकर जीने का सपना देखने तक की बातें लोगों के दिमाग से रच-बस गई हैं।
  • मेट्रो शहरों में रहने वाले लोग, खास तौर से आम पर्यटन स्थलों से दूर ऐसी जगहों पर जाना पसंद कर रहे हैं। जहां वे काली रात और उसमें जगमगाते सितारों का आनंद ले सके। लद्दाख, स्पीति, कोडईकनाल, कच्छ, कुर्ग और जैसलमेर उन जगहों में शामिल हैं।

डेटाइम एस्ट्रोनॉमी का कॉन्सेप्ट धीरे धीरे तेजी पकड़ रहा है। अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जिन्हें स्पेस और उससे जुड़ी बातों में दिलचस्पी है तो आपको एस्ट्रो टूरिज्म का फायदा जरूर उठाना चाहिए।

मेधा चावला
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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