पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुणे पुलिस ने बताया है कि मामले में गिरफ्तार रितेश हांगे ने मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। हालांकि,पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दिन हांगे मौके पर मौजूद था या नहीं।
बता दें कि केतन अग्रवाल को 18 जून को कथित तौर पर उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पुणे जिले में स्थित लोहगढ़ किले से नीचे धक्का दे दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
4 सितंबर को रितेश हांगे की हुई गिरफ्तारी
फिर इस मामले की जांच के दौरान 4 सितंबर को रितेश हांगे को गिरफ्तार किया गया। वो इस मामले में तीसरा आरोपी है। पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय हांगे चेतन चौधरी का करीबी दोस्त है। दोनों ने कॉलेज में साथ पढ़ाई की थी।इतना ही नहीं रितेश हांगे सिया गोयल को भी जानता था। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों और जांच के दौरान बरामद किए गए डेटा के आधार पर रितेश की कथित भूमिका सामने आई है। उन्होंने कहा कि डेटा की जांच और उसे हासिल किए जाने के दौरान जो तथ्य सामने आए,उनमें हांगे के खिलाफ आपत्तिजनक साक्ष्य मिले हैं।
हत्या की योजना से लेकर बाद की जानकारी तक संपर्क
पुणे पुलिस ने मामले में खुलासा करते हुए बताया कि रितेश हांगे और चेतन चौधरी के बीच लगातार बातचीत होती थी। चेतन चौधरी ने रितेश को हत्या की योजना के बारे में बताया था और हर छोटी-छोटी चीज के बारे में उसे जानकारी देता था। पुलिस ने यह भी दावा किया कि केतन अग्रवाल की हत्या के बाद भी चेतन चौधरी ने रितेश हांगे से संपर्क बनाए रखा।
एसपी गिल ने आगे कहा कि अब पुलिस यह जांच कर रही है कि हत्या वाले दिन हांगे लोहगढ़ किले पर मौजूद था या नहीं। हालांकि,पुलिस का दावा है कि वह हत्या की साजिश में शामिल था। उन्होंने कहा कि हांगे की भूमिका केवल हत्या की योजना की जानकारी रखने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसने कथित तौर पर साजिश की योजना बनाने में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
आर्थिक लेनदेन की भी होगी जांच
पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि चेतन चौधरी और रितेश हांगे के बीच हत्या से पहले या बाद में किसी तरह का आर्थिक लेनदेन हुआ था या नहीं। एसपी गिल ने कहा कि इस पहलू की जांच अभी बाकी है।
