International Day Of Light 2025: अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस हर साल 16 मई को मनाया जाता है। यह दिन 1960 में भौतिक विज्ञानी और इंजीनियर थियोडोर मैमन द्वारा पहले सफल लेजर संचालन की वर्षगांठ है। वर्ष 2015 को प्रकाश और प्रकाश-आधारित प्रौद्योगिकियों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया गया था। इस पहल की सफलता के बाद, घाना, मेक्सिको, न्यूजीलैंड और रूस ने यूनेस्को कार्यकारी बोर्ड के समक्ष अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस का प्रस्ताव रखा। यूनेस्को के सामान्य सम्मेलन ने आधिकारिक तौर पर 7 नवंबर 2017 को अपने 39वें सत्र में इस दिन की घोषणा की। पहला अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस 16 मई 2018 को मनाया गया था। ऐसे में जब आज अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस मनाया जा रहा है तो यहां हम आपके लिए रोशनी पर कुछ मशहूर और कुछ फनी शायरी लेकर आए हैं।
Atal Bihari Vajpayee shayai on Roshni light
भरी दुपहरी में अँधियारा
सूरज परछाईं से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें, बुझी हुई बाती सुलगाएँ
आओ फिर से दिया जलाएँ
हम पड़ाव को समझे मंज़िल
लक्ष्य हुआ आँखों से ओझल
वतर्मान के मोहजाल में आने वाला कल न भुलाएँ
आओ फिर से दिया जलाएँ
आहुति बाक़ी यज्ञ अधूरा
अपनों के विघ्नों ने घेरा
अंतिम जय का वज्र बनाने नव दधीचि हड्डियाँ गलाएँ
आओ फिर से दिया जलाएँ
Roshni Par Shayari in Hindi
1. दिया ख़ामोश है लेकिन किसी का दिल तो जलता है
चले आओ जहां तक रौशनी मा'लूम होती है
नुशूर वाहिदी

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2. अब हवाएं ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला
जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा
महशर बदायुनी
3. चांद भी हैरान दरिया भी परेशानी में है
अक्स किस का है कि इतनी रौशनी पानी में है
फ़रहत एहसास
4.रौशनी आधी इधर आधी उधर
इक दिया रक्खा है दीवारों के बीच
उबैदुल्लाह अलीम
5. इतना सच बोल कि होंटों का तबस्सुम न बुझे
रौशनी ख़त्म न कर आगे अँधेरा होगा
निदा फ़ाज़ली
6. मैं अंधेरे में हूँ मगर मुझ में
रौशनी ने जगह बना ली है
अंजुम सलीमी

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7. कुछ नहीं दे रहा सुझाई हमें
इस क़दर रौशनी का क्या कीजे
अज़हर फ़राग़
Roshni Par Shayari Hindi mein
8. फूंक कर मैं ने आशियाने को
रौशनी बख़्श दी ज़माने को
आरिफ़ अब्बासी
9. इक पतिंगे ने ये अपने रक़्स-ए-आख़िर में कहा
रौशनी के साथ रहिए रौशनी बन जाइए
सलीम अहमद
10. इस जहां में तो अपना साया भी
रौशनी हो तो साथ चलता है
हिमायत अली शाएर

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11. रौशनी है किसी के होने से
वर्ना बुनियाद तो अंधेरा था
सग़ीर मलाल
12. बहुत सुकून से रहते थे हम अँधेरे में
फ़साद पैदा हुआ रौशनी के आने से
आलम ख़ुर्शीद
13. इस बार तेरे ख़्वाब में रक्खा है अपना ख़्वाब
इस बार रौशनी में संभाली है रौशनी
शाहीन अब्बास
Funny Shayari on Light in Hindi

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गांव में लाइट इतनी बार आती जाती है,
कि पंखा खुद भूल जाता है ,
कि दाएं घूमना है या बाएं।
