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Shayari on 15 August: वतन से है प्यार तो जरूर पसंद आएंगे जोश और जुनून से लबालब ये टॉप 30 शेर, पढ़ें स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति शायरी हिंदी में

Deshbhakti Shayari 2 line, 15 August Shayari, Independence Day Shayari (स्वतंत्रता दिवस पर शायरी दो लाइन, 15 अगस्त की शायरी) सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है। बहुत से शायरों ने देशप्रेम के जज्बे को बहुत खूबसूरती से शायरी में गढ़ा है। इन शायरों ने देशभक्ति की भावना को शब्दों की माला में पिरोकर कुछ ऐसे पेश किया कि बस पूछिये मत। 15 अगस्त के दिन ये शायरियां हर दिल में जोश भर देती हैं। यहां देखें स्वतंत्रता दिवस की तिरंगा शायरी ( Tiranga Shayari), 15 अगस्त पर शायरी, देशभक्ति शायरी हिंदी में।

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15 अगस्त के लिए शायरी, 15 अगस्त की शायरी, स्वतंत्रता दिवस की शायरी

15 August Shayari in Hindi, Deshbhakti Shayari(स्वतंत्रता दिवस की शायरी): 15 अगस्त वह तारीख है जब करीब 150 करोड़ हिंदुस्तानी भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। यह दिन देश के गुणगान, सम्मान और स्वाभिमान का दिन होता है। देश के लिए जान लुटाने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि देने का दिन होता है। बहुत से शायरों ने देशप्रेम के जज्बे को बहुत खूबसूरती से शायरी में गढ़ा है। इन शायरों ने देशभक्ति की भावना को शब्दों की माला में पिरोकर कुछ ऐसे पेश किया कि बस पूछिये मत। 15 अगस्त के दिन ये शायरियां हर दिल में जोश भर देती हैं। आइए पढ़ें कुछ चुनिंदा देशभक्ति शायरी इन हिंदी(Independence Day Shayari Hindi, 15 अगस्त शायरी दो लाइन):

15 August Deshbhakti Shayari in Hindi

1.बे-ज़ार हैं जो जज़्बा-ए-हुब्ब-उल-वतनी से

वो लोग किसी से भी मोहब्बत नहीं करते

- अज्ञात

2. मैं ने आंखों में जला रखा है आज़ादी का तेल

मत अंधेरों से डरा रख कि मैं जो हूं सो हूं

- अनीस अंसारी

3. वो हिन्दी नौजवां यानी अलम-बरदार-ए-आज़ादी

वतन की पासबाँ वो तेग़-ए-जौहर-दार-ए-आज़ादी

- मख़दूम मुहिउद्दीन

Best Shayari for 15 August (Independence Day)

4. कारवां जिन का लुटा राह में आज़ादी की

क़ौम का मुल्क का उन दर्द के मारों को सलाम

- बनो ताहिरा सईद

5. ख़ुदा ऐ काश 'नाज़िश' जीते-जी वो वक़्त भी लाए

कि जब हिन्दोस्तान कहलाएगा हिन्दोस्तान-ए-आज़ादी

- नाज़िश प्रतापगढ़ी

6. सर-ब-कफ़ हिन्द के जां-बाज़-ए-वतन लड़ते हैं

तेग़-ए-नौ ले सफ़-ए-दुश्मन में घुसे पड़ते हैं

- बर्क़ देहलवी

7. बनाना है हमें अब अपने हाथों अपनी क़िस्मत को

हमें अपने वतन का आप बेड़ा पार करना है

- जाफ़र मलीहाबादी

Independence Day Shayari

8. सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है

- बिस्मिल अज़ीमाबादी

9. दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त

मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी

- लाल चन्द फ़लक

10. हम अम्न चाहते हैं मगर ज़ुल्म के ख़िलाफ़

गर जंग लाज़मी है तो फिर जंग ही सही

- साहिर लुधियानवी

15 August Shayari in Hindi

11. सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा

हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसिताँ हमारा

- अल्लामा इक़बाल

12. वतन की रेत ज़रा एड़ियाँ रगड़ने दे

मुझे यक़ीं है कि पानी यहीं से निकलेगा

- मुज़फ़्फ़र वारसी

13. लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है

उछल रहा है ज़माने में नाम-ए-आज़ादी

- फ़िराक़ गोरखपुरी

14. वतन के जां-निसार हैं वतन के काम आएँगे

हम इस ज़मीं को एक रोज़ आसमाँ बनाएँगे

- जाफ़र मलीहाबादी

15. दिलों में हुब्ब-ए-वतन है अगर तो एक रहो

निखारना ये चमन है अगर तो एक रहो

- जाफ़र मलीहाबादी

15 अगस्त पर शायरी 2 line

16. इसी जगह इसी दिन तो हुआ था ये एलान

अंधेरे हार गए ज़िंदाबाद हिन्दोस्तान

- जावेद अख़्तर

17. ज़मीं पर घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं

हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं

- महशर आफ़रीदी

18. वतन की ख़ाक से मर कर भी हम को उन्स बाक़ी है

मज़ा दामान-ए-मादर का है इस मिट्टी के दामन में

- चकबस्त बृज नारायण

19. उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता

जिस मुल्क की सरहद की निगहबान हैं आँखें

- अज्ञात

20. नाक़ूस से ग़रज़ है न मतलब अज़ाँ से है

मुझ को अगर है इश्क़ तो हिन्दोस्ताँ से है

- ज़फ़र अली ख़ां

21. ये कह रही है इशारों में गर्दिश-ए-गर्दूं

कि जल्द हम कोई सख़्त इंक़लाब देखेंगे

- अहमक़ फफूंदवी

15 अगस्त पर शायरी

23. वतन की पासबानी जान-ओ-ईमाँ से भी अफ़ज़ल है

मैं अपने मुल्क की ख़ातिर कफ़न भी साथ रखता हूँ

- अज्ञात

24. ऐ अहल-ए-वतन शाम-ओ-सहर जागते रहना

अग़्यार हैं आमादा-ए-शर जागते रहना

- जाफ़र मलीहाबादी

25. कहाँ हैं आज वो शम-ए-वतन के परवाने

बने हैं आज हक़ीक़त उन्हीं के अफ़्साने

- सिराज लखनवी

26. हम भी तिरे बेटे हैं ज़रा देख हमें भी

ऐ ख़ाक-ए-वतन तुझ से शिकायत नहीं करते

- खुर्शीद अकबर

27. है मोहब्बत इस वतन से अपनी मिट्टी से हमें

इस लिए अपना करेंगे जान-ओ-तन क़ुर्बान हम

- अज्ञात

Shayari for Independence Day

28. न होगा राएगाँ ख़ून-ए-शहीदान-ए-वतन हरगिज़

यही सुर्ख़ी बनेगी एक दिन उनवान-आज़ादी

- नाज़िश प्रतापगढ़ी

29. दुख में सुख में हर हालत में भारत दिल का सहारा है

भारत प्यारा देश हमारा सब देशों से प्यारा है

- हामिदुल्लाह अफ़सर

30. भारत के ऐ सपूतो हिम्मत दिखाए जाओ

दुनिया के दिल पे अपना सिक्का बिठाए जाओ

- लाल चन्द फ़लक

31. क्या करिश्मा है मिरे जज़्बा-ए-आज़ादी का

थी जो दीवार कभी अब है वो दर की सूरत

- अख़्तर अंसारी अकबराबादी

स्वतंत्रता दिवस के जश्न में ये शेर चार चांद लगाने का काम करेंगे। इन शायरियों की सबसे खूबसूरत बात यही है कि इन्हें जिस मकसद से लिखा गया उस मकसद को ये मुकम्मल करती हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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